दुबई में क्रैश हुआ था तेजस, अब इस विमान का निर्माण करने वाली कंपनी – HAL ने जारी किया बयान, क्या बताया ?
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
नई दिल्ली | 21 नवंबर को दुबई एयर शो के दौरान भारतीय लड़ाकू विमान तेजस क्रैश हो गया था. इस हादसे में पायलट की मृत्यु हो गई थी. अब तेजस का निर्माण करने वाली भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है.
एचएएल ने बाजार नियामक एनएसई और बीएसई को एक पत्र लिखा है जिसमें स्पष्ट किया है कि यह घटना पूरी तरह से असाधारण परिस्थितियों में हुई एक एकाकी घटना है व इसका कंपनी के संचालन, वित्तीय स्थिति या भविष्य की आपूर्ति कार्यक्रमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
वही वायुसेना ने दुर्घटना की गहन जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ऑर्डर की है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब तेजस निर्धारित एरोबेटिक अभ्यास के लिए उड़ान भर रहा था. दुर्घटना के कारणों का फिलहाल स्पष्ट आकलन नहीं हो सका है.
दुबई एयर शो के दौरान हुई घटना को लेकर निवेशकों और हितधारकों में अनावश्यक भ्रम या चिंता न रहे, इस उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है. एचएएल ने अपने पत्र में भरोसा दिलाया कि एचएएल के समस्त प्रोजेक्ट, उत्पादन कार्यक्रम और डिलीवरी शेड्यूल पूर्ववत जारी हैं और दुर्घटना से कंपनी के किसी भी व्यवसायिक पहलू पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है.
बता दे कि तेजस विमान को विंग कमांडर नमांश स्याल उड़ा रहे थे. तेजस के क्रैश होते ही उनका निधन हो गया था. रविवार को उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाया गया था. भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के माध्यम से लाए गए पार्थिव शरीर को दक्षिणी वायु कमान के एयरबेस पर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ प्राप्त किया गया था.
शहीद नमांश स्याल मूलत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के निवासी थे जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
कंपनी ने बताया कि वह विमान दुर्घटना की जांच कर रही संबंधित एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है.
जांच के दौरान कंपनी सभी तकनीकी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है ताकि घटना के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके. एचएएल ने कहा है कि जैसे ही कोई महत्वपूर्ण अद्यतन उपलब्ध होगा कंपनी उसे तुरंत शेयर बाजार नियामकों और हितधारकों के साथ साझा करेगी. यह पत्र एचएएल के कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी शैलेश बंसल ने जारी किया है.
गौरतलब है कि एलसीए तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) भारत के हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इंजन की सप्लाई कर रही है. जनरल इलेक्ट्रिक व एचएएल के बीच यह समझौता भारत के इस स्वदेशी लड़ाकू विमान के इंजन को लेकर है. समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन सप्लाई किए जाएंगे. जेट इंजन की ये सप्लाई वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है.
IANS
