“अनशन छोड़िए…” : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोनम वांगचुक को दी सलाह, बताया नया प्लान कि क्या करना चाहिए
28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत तिल-तिल करके बिगड़ती जा रही है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करके निर्णय लेने की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के लिए कहा- “आप बिल्कुल ये अनशन खत्म करो. अनशन से कुछ नहीं होगा… सरकार पर इसका फर्क नहीं पड़ता है.” अविमुक्तेश्वरानंद ने अनशन खत्म करके नए तरीके को अपनाने की भी बात कही. जानिए आखिर स्वामी ने सोनम वांगचुक को कौन सा नया प्लान दिया, जिसके तहत सरकार बदलने तक की बात कह डाली.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वीडियो संदेश में कहा- “सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. अगर उनकी तबीयत में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, शारीरिक-मानसिक कोई क्षति होती है, तो कौन इसकी भरपाई करेगा? इसलिए भारत सरकार से हमारा कहना है कि इसमें हस्तक्षेप करे. उनको जबरदस्ती उठाना हो, वो भी कर दीजिए. हमको वो भी मंजूर है. लेकिन तिल-तिल करके एक सज्जन व्यक्ति को मरते देखना किसी को अच्छा नहीं लगता है.”
स्वामी ने आगे कहा- “हम सोनम जी से कहना चाहते हैं कि ये पत्थर दिल सरकार है. जब आप जानते हो कि ये इस तरह की भाषा समझती नहीं है. फिर क्यों आप अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं. आप बिल्कुल ये अनशन खत्म करो. अनशन से कुछ नहीं होगा. आपकी मांग बिल्कुल उचित है. हम आपकी मांग और आपके साथ हैं. लेकिन आपके तरीके पर हम असहमत हैं. हम भी इस तरीके को पहले आजमाकर देख चुके हैं. सरकार पर इसका फर्क नहीं पड़ता है.”
इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोनम वांगचुक को सरकार बदलने वाला प्लान तक दे डाला. स्वामी ने कहा- “अगर आप कुछ कर सकते हैं, तो अन्नदाताओं को प्रेरित करें कि वो देश में ऐसी संवेदनहीन सरकारों को दोबारा न लाने के लिए खड़ी हों. शायद इसका कोई प्रभाव पड़े राजनेताओं के ऊपर. आप जिस सात्विक हृदय और शांति के साथ अनशन पर बैठे हैं, अब वो भाषा सुनने वाली राजनीतिक पार्टी सत्ता में नहीं है. इस बात को आपको स्वीकारना चाहिए.”
हम चाहते हैं कि आपको ये धरना स्वयं समाप्त करना चाहिए. किसी के कुछ कहने की जरूरत नहीं है. इसके बाद पूरे देश में दौरा निकालिए. आप जंतर-मंतर से ही पूरे देश में जागृति यात्रा निकालिए. उससे फर्क पड़ेगा.