सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना पर लगाई रोक, बताया असंवैधानिक
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो | आईएएनएस)
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसले में चुनावी बॉन्ड योजना को “असंवैधानिक” करार देते हुए इसे अमान्य कर दिया. इस फैसले ने राजनीतिक फंडिंग के उस विवादास्पद तरीके को खत्म कर दिया है जो शुरुआत से ही जांच के दायरे में रहा है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया.
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत प्रदत्त मतदाता के सूचना के अधिकार का उल्लंघन करती है.
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को तत्काल प्रभाव से चुनावी बॉन्ड जारी करना बंद करने का निर्देश दिया है.
शीर्ष अदालत ने एसबीआई को यह भी निर्देश दिया है कि वह चुनाव आयोग को 2019 से लेकर वर्तमान तिथि तक राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बांड्स का विस्तृत रिकॉर्ड प्रदान करे.
चुनाव आयोग को तीन सप्ताह के भीतर एसबीआई से डेटा (राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बांड्स का विस्तृत रिकॉर्ड) प्राप्त होने की उम्मीद है. एक बार जानकारी मिल जाने के बाद, चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इन विवरणों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा.
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “एसबीआई चुनावी बॉन्ड के माध्यम से चंदे का विवरण और इसको (चंदा) प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों का विवरण प्रस्तुत करेगा. एसबीआई राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बांड का विवरण भी प्रस्तुत करेगा. एसबीआई चुनाव आयोग को विवरण प्रस्तुत करेगा. आयोग इन विवरणों को 31 मार्च, 2024 तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा.”
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
