सीएमएस का विवादित बयान पड़ा भारी, सरकार पर टिप्पणी के बाद निलंबित

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सीएमओ और सीएमएस की अर्थी निकालने की तैयारी कर रहे लोगों से बात करते प्रभारी सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद / (वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब : सोशल मीडिया)

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लखनऊ | उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के वीर सिंहपुर स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. भास्कर प्रसाद को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उनके खिलाफ अस्पताल संचालन में अनियमितता, अनुशासनहीनता और सरकार के खिलाफ विवादित बयान देने के आरोप लगे हैं.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने निलंबन आदेश जारी करते हुए डॉ. प्रसाद को अयोध्या मंडल के अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय से संबद्ध कर दिया है.

जारी आदेश में डॉ. भास्कर पर तीन प्रमुख आरोप लगाए गए हैं, अस्पताल संचालन में गड़बड़ी और अनुचित टिप्पणियां करना, भर्ती मरीजों को अस्पताल से बाहर से दवाइयां मंगवाना तथा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में नियमों की अनदेखी करना.

आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि में डॉ. प्रसाद का मुख्यालय अयोध्या रहेगा और वह किसी अन्य विभागीय या व्यावसायिक कार्य में संलग्न नहीं होंगे. यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने वीर सिंहपुर अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर धरना शुरू किया था. शनिवार को जब डॉ. भास्कर उनसे बातचीत करने पहुंचे तो वंशराज ने कहा कि अगर व्यवस्थाएं ठीक नहीं हुईं तो ‘आपकी अर्थी निकालेंगे.’

इस पर डॉ. भास्कर ने जवाब दिया था, ”अर्थी निकालनी है तो सरकार की निकालो, सीएमएस और सीएमओ की क्यों.”

डॉ. भास्कर की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया. स्थानीय भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय तुरंत अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

रविवार को अयोध्या के एडी स्वास्थ्य डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने अस्पताल पहुंचकर जांच की. उन्होंने मरीजों से बातचीत में पाया कि अस्पताल में वाकई बाहर से दवाएं मंगाई जा रही हैं. इसके बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी सीएमएस डॉ. भास्कर प्रसाद को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया.

 


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