सेक्सटॉर्शन रैकेट: पुलिस को मिली सफलता, आरोपी गिरफ्तार, बरामद हुए 8 मोबाइल, मोबाइल में मिले 140 से ज्यादा वीडियो और स्क्रीनशॉट
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
नई दिल्ली | राजस्थान पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के आरोप में भरतपुर से एक 50 वर्षीय शख्स को गिरफ्तार किया है. यह शख्स मेवात (राजस्थान) का रहने वाला है. वो वरिष्ठ नागरिकों को अपना निशाना बनाता था.
पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान भरतपुर जिला निवासी अलामुद्दीन के रूप में हुई है. उसके पास से आठ फोन जब्त किए गए है. इन मोबाइल फोन्स में पीड़ितों के 140 वीडियोस, स्क्रीनशॉट्स
मिले है.
पुलिस को अलामुद्दीन के फोन से कुछ चैट्स भी मिली है. अलामुद्दीन अपने WhatsApp की DP में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करता था.
मूलचंद गर्ग नाम के एक व्यक्ति ने पांच जून को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी हुई है गर्ग ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 31 मई को उन्हें एक WhatsApp वीडियो कॉल आया था. कॉल उठाने पर देखा कि एक लड़की बिना कपड़ो के बैठी थी. इसके बाद कॉल काट दी गई थी.
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि लड़की ने उनके फेस का स्क्रीनशॉट ले लिया था. कुछ समय बाद, उन्हें दो अन्य नंबरों से कॉल आया. कॉल करने वाले लोगों ने दावा किया था कि वो दिल्ली साइबर क्राइम डिवीजन से है. उन्होंने मूलचंद गर्ग को बताया कि कथित स्क्रीनशॉट वायरल होने वाला है.
गर्ग को को एक बड़ी रकम चुकाने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा कि यदि जल्दी पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और आपकी (मूलचंद गर्ग) गिरफ्तारी हो जाएगी. मूलचंद गर्ग दवाब में आ गए और उन्होंने जालसाज द्वारा दिए गए बैंक खाते में 47,076 रुपये ट्रांसफर कर दिए.
शाहदरा के डीसीपी रोहित मीणा ने कहा कि जांच के दौरान एक खास नंबर की पहचान हुई जो राजस्थान के अभयपुर इलाके में एक्टिव था. 8 जून को स्थानीय पुलिस के साथ एक (पुलिस) दल अभयपुर पहुंचा और अलामुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया.
अलामुद्दीन की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से आठ मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद हुए. डीसीपी ने कहा कि मोबाइल फोन के विश्लेषण में पीड़ितों के 140 स्क्रीनशॉट्स का पता चला. अधिकांश पीड़ित वरिष्ठ नागरिक है. इन स्क्रीनशॉट्स में पीड़ित और एक नग्न लड़की की की इमेज दिख रही थी.
पुलिस की पूछताछ में अलामुद्दीन ने कबूल किया कि उसने और उसके दो बेटों ने मिलकर कई लोगों के खिलाफ इसी तरह के अपराध किए थे और काफी पैसा कमाया था.
अलामुद्दीन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. डीसीपी ने कहा, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, की कवायद हो रही है. मामले में जांच चल रही है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
