अपने रिटायरमेंट वाले दिन बेहद भावुक हुए सुप्रीम कोर्ट के जज एमआर शाह, बोले – “अगर मैं रोना शुरू कर दूं तो मुझे माफ करना”

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नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह सोमवार को काफी भावुक हो गए. दरअसल, यह उनका सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दिन था. सोमवार को जस्टिस शाह रिटायर हो गए.

उन्होंने अपने विदाई भाषण के दौरान राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के एक गाने का जिक्र किया. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “वह एक सच्चे दोस्त और कॉलेजियम के बड़े सहयोगी थे.”

न्यायमूर्ति शाह ने कहा, “मैं एक नारियल की तरह हूं .. अगर मैं रोना शुरू कर दूं तो कृपया मुझे माफ करें. सभी (बार के सदस्यों) का तहे दिल से धन्यवाद.”

न्यायमूर्ति शाह ने कहा, “मैं सेवानिवृत्त होने वाला व्यक्ति नहीं हूं.. मैं एक नई पारी शुरू करूंगा और मैं इस पारी के लिए (ईश्वर से) अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं. इसके बाद उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ की कुछ पंक्तियां पढ़ीं… कल खेल में हम हो ना हों..गर्दिश में तारे रहेंगे सदा.., और फिर उनकी आंखों में आंसू आ गए.”

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्होंने न्यायमूर्ति शाह को एक वकील और एक जज दोनों के रूप में देखा है और वह बहुत मेहनती व्यक्ति हैं और एक बहुत ही साहसी इंसान हैं जो कभी नहीं झुके. यह एक ऐसी क्षमता है जो अब गायब हो रही है ..”

न्यायमूर्ति एमआर शाह का जन्म 16 मई, 1958 को हुआ था. उन्हें 19 जुलाई, 1982 को एक वकील के रूप में चयनित किया गया था. उन्होंने सिविल, आपराधिक, संवैधानिक सहित कई मामलों में गुजरात हाई कोर्ट में प्रैक्टिस की.”

उन्हें 7 मार्च, 2004 को गुजरात हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और 22 जून, 2005 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया. उन्हें 12 अगस्त, 2018 को पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्हें 2 नवंबर, 2018 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत किया गया था.

आईएएनएस


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