RBI ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर किया 6.5 प्रतिशत; लगातार छठी बढ़ोतरी

Shaktikanta Das RBI Governor

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

The Hindi Post

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को घोषणा की कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट (दर) को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत करने का फैसला किया है. पहले रेपो रेट 6.25 प्रतिशत था.

मई 2022 के बाद से रेपो रेट में यह लगातार छठी बढ़ोतरी है.

8 फरवरी को रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद, एक आम आदमी के लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो दर में वृद्धि के फैसले का किसी की मासिक EMI पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है.

बता दे कि बैंक की ब्याज दरों में वृद्धि का सीधा असर नए ऋण लेने वालों और जमाकर्ताओं पर पड़ेगा. रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बैंक अपने रिटेल लोन पर ब्याज दर बढ़ा देते है.

रेपो रेट बढ़ने का असर यह होगा कि होम, ऑटो, पर्सनल सहित सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे. जिन लोगों ने पहले से होम या ऑटो लोन ले रखा है, उनकी EMI भी बढ़ जाएगी. एक ग्राहक को ज्यादा EMI चुकानी होगी. यानि बैंक सरकारी और प्राइवेट बैंक, होम, ऑटो सहित सभी लोन के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का एलान कर सकते है.

गौरतलब है कि रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क


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