आर्मी अफसर पर लगा मारपीट करने का गंभीर आरोप, स्पाइसजेट एयरलाइन्स के कर्मचारियों को बुरी तरह पीटा

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The Hindi Post

श्रीनगर एयरपोर्ट पर जुलाई के आखिरी हफ्ते में मारपीट की कथित घटना घटी थी. इसकी जानकारी अब सामने आई है. भारतीय सेना के एक अफसर पर आरोप है कि उन्होंने स्पाइसजेट कर्मचारियों से 26 जुलाई को श्रीनगर एयरपोर्ट पर कथित तौर पर मारपीट की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्मी अफसर की स्पाइसजेट के कर्मचारी से सामान के वजन को लेकर बहस हुई थी. स्पाइसजेट कर्मचारियों ने उनसे ज्यादा वजन वाले केबिन बैग के लिए एक्स्ट्रा फीस देने के लिए कहा था.

स्पाइसजेट का कहना है कि आर्मी अफसर के पास दो केबिन बैग थे जिनका कुल वजन 16Kg था, जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ 7Kg सामान ही केबिन में ले जाने की इजाजत है. कथित तौर पर उन्होंने एक्स्ट्रा फीस देने से मना कर दिया था और वह कथित तौर पर बोर्डिंग प्रोसेस कंपलीट किए बगैर ही एरोब्रिज (जहां से यात्री विमान में चढ़ते हैं) में प्रवेश कर गए थे. जबकि ऐसा करना विमानन नियमों के खिलाफ है. CISF का एक जवान उन्हें तुरंत वापस गेट पर ले गया था.

यहां आते ही आर्मी अफसर भड़क गए थे और उन्होंने ग्राउंड स्टाफ पर कथित तौर पर हमला कर दिया था. कहा जा रहा है कि आर्मी आफिसर ने 4 कर्मचारियों पर हमला किया था.

एयरलाइन ने कहा कि उनके एक कर्मचारी को इतनी चोट आई थी कि उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था. इसके अलावा एक कर्मचारी को जबड़े में जोरदार लात लगी जिससे खून बहने लगा था. जबकि एक स्टाफ मेंबर बेहोश होकर गिर गया था लेकिन अफसर ने उसको भी लात-घूंसा मारे थे.

इसके बाद सभी जख्मी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था जहां उनका इलाज जारी है. स्पाइसजेट ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज करवाई है. एयरलाइन ने मारपीट की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दी है. साथ ही एक्शन लेते हुए एयरलाइन ने आर्मी अफसर को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “एयरलाइन स्टाफ ने उनके साथ (आर्मी अफसर) बुरा व्यवहार किया था और उनकी फ्लाइट छूट गई थी. उन्होंने भी एफआईआर दर्ज कराई है.”

स्पाइसजेट ने अपने बयान में कहा,”हम अपने कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं और इस मामले को कानूनी और नियामकीय स्तर पर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाएंगे.”

स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी खत लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है.

 

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क

 


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