घुटनों के बल होगा पाक, भारत सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ एक और कड़ा फैसला, अब इस पर लगाया बैन
संचार मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर पाक से मेल और पार्सल का आवागमन निलंबित करने की घोषणा की है (फोटो क्रेडिट: IANS)
नई दिल्ली | पहलगाम हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक बाद एक कड़े फैसले ले रहा है. इसी बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और कड़ा एक्शन लिया है जिसका पाकिस्तान पर बड़ा असर देखने के मिलेगा. केंद्र सरकार ने शनिवार को हवाई और जमीनी मार्गों के जरिए पाकिस्तान से आने वाले मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने की घोषणा की है. इससे पहले दिन में सभी आयातों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को बंदरगाहों में प्रवेश करने से रोक दिया गया है.
संचार मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर पड़ोसी देश से मेल और पार्सल का आवागमन निलंबित करने की घोषणा की है.
अधिसूचना में कहा गया, “भारत सरकार ने हवाई और जमीनी मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का निर्णय लिया है.”
इससे पहले भारत ने पाकिस्तान से सभी प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, “पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या ट्रांसिट, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या अन्यथा अनुमत हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा.”
अधिसूचना में ये भी कहा गया, “यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है. इस प्रतिबंध में किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी.”
2 मई की अधिसूचना में कहा गया कि इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, ताकि ‘पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जा सके.’
इस बीच पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों के भारतीय बंदरगाहों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके साथ ही भारतीय झंडे वाले जहाजों के पाकिस्तान के बंदरगाहों पर जाने पर रोक लगा दी है. ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 1958 की धारा 411 के तहत भारतीय परिसंपत्तियों, कार्गो और बंदरगाह अवसंरचना की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं.
IANS
