भयानक लैंडस्लाइड से भारी तबाही, 8 की मौत, बह गए कई मकान, युध्द स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मोन (नागालैंड) | नागालैंड के मोन जिले में रविवार को बड़ा हादसा हो गया. भूस्खलन की चपेट में आने से बच्चों सहित 8 लोगों की जान चली गई. कई घर ढह गए. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन मुस्तैद है. राहत और बचाव के लिए मल्टी -एजेंसी अभियान शुरू किया गया है.
मोन के उपायुक्त वेन्येई कोन्यक (एनसीएस) ने इस घटना की पुष्टि की है. नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने दुख जताया है.
मुख्यमंत्री रियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लिखा, “सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन की खबरें अत्यंत हृदयविदारक हैं. इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. राज्य सरकार स्थिति पर निरंतर कड़ी नजर बनाए हुए है. नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA), जिला प्रशासन, DDMA, SDRF, पुलिस, असम राइफल्स (AR) और स्थानीय नागरिक संयुक्त रूप से राहत एवं खोज अभियान में पूरी मुस्तैदी से जुटे हैं.”
वहीं, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के बारे में बात करते हुए डीसी ने कहा कि जिले में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन हुआ है. असम राइफल्स शिविर के पीछे कई घर मलबे के नीचे दब गए है.
डीसी ने कहा कि अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हम केवल चार शव ही निकाल पाए हैं, जबकि चार अन्य अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी होने के कारण हम अतिरिक्त हताहतों की संभावना से इनकार नहीं कर सकते.
उन्होंने बताया कि पुलिस, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और अन्य एजेंसियों के कर्मियों को खोज और बचाव अभियान में लगाया गया है.
उपायुक्त ने बताया कि भूस्खलन सुबह लगभग 6:00 बजे हुआ, जबकि जिला प्रशासन को इसकी सूचना लगभग 7:30 बजे मिली जिसके बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल सक्रिय किए गए.
राहत उपायों के बारे में कोन्याक ने बताया कि प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था कर दी है. हालांकि, अधिकांश विस्थापित परिवारों ने रिश्तेदारों के साथ रहने को प्राथमिकता दी है.
उन्होंने कहा कि हमने राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन चूंकि हम नागा हैं, वे अपने रिश्तेदारों के साथ रहना पसंद करते हैं. विस्थापित परिवारों को उनके रिश्तेदारों ने आश्रय दिया है और हम स्थिति को संभालने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं.
इस आपदा को प्राकृतिक आपदा बताते हुए डीसी ने कहा कि यह प्रकृति का प्रकोप है और प्रकृति के हस्तक्षेप को कोई नहीं रोक सकता.
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि अब बारिश रुक चुकी है लेकिन बादल छाए हुए हैं. क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बाधित है जिससे संचार प्रभावित हो रहा है.
डीसी ने चल रहे बचाव कार्यों में स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग की भी सराहना की. वार्ड के स्वयंसेवकों, कोन्याक यूनियन के सदस्यों, कोन्याक छात्र संघ, कोन्याक महिला संगठन और स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा बलों और बचाव दल के साथ मिलकर काम कर रहे है.
By IANS
नागालैंड: मोन में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हुई, मुख्यमंत्री ने जताया दुख