अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का बड़ा आरोप: “प्राइवेट पार्ट दबाया, कमर तोड़ दी… अगर दिल्ली पुलिस न बचाती तो…”
वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब
अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला का बड़ा आरोप: “प्राइवेट पार्ट दबाया, कमर तोड़ दी… अगर दिल्ली पुलिस न बचाती तो…”
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन का बयान सामने आया है. उन्होंने दीपके और उनके समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है ठीक वैसे ही जैसे कभी अन्ना हजारे का किया गया था. बरखा त्रेहन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा स्याही फेंकने के बाद दीपके के समर्थकों ने उनके साथ बर्बरता और मारपीट की.
‘धार्मिक अपमान बर्दाश्त नहीं, इसलिए उठानी पड़ी स्याही’
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बरखा त्रेहन ने कहा, “मैं शांतिपूर्ण विरोध के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हूं. मेरा किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. अभी जो घटना हो रही है, जिसमें वे और ‘कॉकरोच पार्टी’ शामिल हैं, उसका असली नीट मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है. वह लोग नीट की कोई बात ही नहीं कर रहे. यह एक राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है.”
उन्होंने कहा, “आप सोच भी नहीं सकते कि अभिजीत के गुंडों ने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया. अभिजीत और उसके साथी मंच पर ही भगवान श्री राम और माता सीता का मजाक उड़ा रहे थे. अभिजीत दीपके हंस रहा था. मैंने विरोध जताने के लिए अभिजीत पर स्याही फेंकी. मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा. मैं कट्टर हिंदू हूं. मैं ऐसी बातें कभी बर्दाश्त नहीं करती, चाहे वे बातें माता दुर्गा, माता काली या भगवान श्री राम के बारे में हों.
गंभीर मारपीट और हिंसा का आरोप, दिल्ली पुलिस का जताया आभार
बरखा त्रेहन ने CJP कार्यकर्ताओं पर हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा, “घटना के बाद अभिजीत के गुंडों ने मेरे साथ जो बर्ताव किया, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा, मेरे बाल नोचे, खरोंचें मारीं और मेरे ब्रेस्ट को दबाया. मारपीट के कारण मेरे हाथ, पैर, कमर और उंगलियों में गंभीर चोटें आई हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं दिल्ली पुलिस की आभारी हूं कि उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए मुझे भीड़ से बचाया और सुरक्षित स्थान पर ले गए. अगर पुलिस समय पर न बचाती, तो वे लोग मेरी जान ले लेते. मैंने कोई हिंसा नहीं की थी.”
मंच पर अनशन के ऐलान के दौरान हुआ हमला
यह घटना उस समय हुई जब अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर रहे थे. इससे कुछ ही घंटे पहले दिल्ली पुलिस ने अनशन के 21वें दिन सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था.
पुलिस के अनुसार, दीपके के भाषण के दौरान बरखा त्रेहन नाम की महिला मंच की तरफ बढ़ी और उन पर नीली स्याही फेंक दी. इस अप्रत्याशित घटना से कार्यक्रम में कुछ देर के लिए बाधा उत्पन्न हुई और कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़ लिया. हालांकि, स्थिति को संभालते हुए दीपके ने समर्थकों से शांत रहने और उत्तेजित न होने की अपील की. घटना के बाद दीपके ने टिप्पणी की, “नीला मेरा रंग है. जय भीम.” पुलिस तुरंत महिला को हिरासत में लेकर प्रदर्शन स्थल से बाहर ले गई थी जहां वह ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाती और मारपीट का आरोप लगाती दिखी.
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