ओडिशा ट्रेन हादसा: अस्पतालों के बाहर रक्तदान के लिए लगीं युवाओं की कतारें
Photo: IANS
भुवनेश्वर | ओडिशा में शुक्रवार शाम को भीषण ट्रेन हादसा हुआ. इस हादसे में 261 यात्रियों की मौत हो चुकी है जबकि 900 से अधिक लोग घायल हो गए है. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
इस दर्दनाक खबर के सामने आने के बाद, ओडिशा के युवक बड़ी संख्या में अस्पताल में पहुंच गए. यह युवक घायलों के लिए रक्तदान करने के लिए अस्पताल पहुंचे थे. उनको लम्बी-लम्बी कतारों में खड़ा हुआ देखा गया. वो अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. बारी आने पर उन्होंने रक्तदान किया.
सबसे खास बात यह कि बड़ी संख्या में युवक रात भर लाइन में लगे रहे.
नवीनतम जानकारी के अनुसार, बहनागा स्टेशन के पास हुए भीषण ट्रेन हादसे में 260 से अधिक लोगों के मारे जाने और 900 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है. दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस और एसएमवीटी-हावड़ा सुपर फास्ट एक्सप्रेस के 17 डिब्बे पटरी से उतर गए.
कतार में खड़े एक युवक ने कहा, हम (लगभग 25 स्वयंसेवक) स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए यहां बालासोर अस्पताल आए हैं. अगर हमारा खून किसी की जान बचा सकता है, तो इससे बढ़कर कोई और खुशी नहीं हो सकती.
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बालासोर अस्पताल का दौरा किया और घायल यात्रियों से बातचीत की.
उन्होंने इतने लोगों की जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन को धन्यवाद दिया.
पटनायक ने मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं इस ट्रेन दुर्घटना से बेहद दुखी हूं. मैं स्थानीय लोगों और स्थानीय प्रशासन को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने लोगों को मलबे से बचाने के लिए रात भर काम किया.”
ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना ने ऐसे दुखद समय में युवा स्वयंसेवकों का आगे आकर रक्तदान करने के लिए धन्यवाद दिया.
प्रदीप कुमार जेना ने एक ट्वीट में कहा, “यहां बालासोर में रात भर में 500 यूनिट रक्त एकत्र किया गया. वर्तमान में 900 यूनिट स्टॉक में है. इससे दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद मिलेगी. मैं उन सभी स्वयंसेवकों का व्यक्तिगत रूप से ऋणी और आभारी हूं, जिन्होंने रक्तदान किया.”
आईएएनएस
