नोएडा में इंजीनियर की मौत के मामले में हुई पहली गिरफ्तारी, दबोचा गया यह शख्स….
इंजीनियर की मौत के मामले में हुई पहली गिरफ्तारी, दबोचा गया यह शख्स….
नोएडा | नोएडा में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के मामले में लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार को एक बिल्डर को कथित आपराधिक लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
यह गिरफ्तारी नॉलेज पार्क थाना पुलिस द्वारा की गई है. आरोपी उस एफआईआर में नामजद है जो सेक्टर-150 में हुए हादसे के बाद दर्ज की गई थी.
दरअसल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिर गई थी. इस गड्ढे में पानी भरा था. युवराज इस कार में सवार थे. उनकी डूब कर मौत हो गई थी. युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
यह दुखद घटना 17 जनवरी की रात की है जब युवराज मेहता गुरुग्राम (अपने ऑफिस से) से नोएडा लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण उनकी कार अनियंत्रित हो गई थी और पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी थी. युवराज ने मदद के लिए आवाज भी लगाई थी लेकिन उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल सकी थी. वह पानी में डूब गए थे. इस घटना के बाद से परिजनों और स्थानीय लोगों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अभय कुमार ‘विजटाउन प्लानिंग प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक है. हादसे के बाद से ही वह पुलिस की जांच के दायरे में है. आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही किसी तरह की बैरिकेडिंग की गई थी.
पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड पर ले सकती है. साथ ही पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का भारी बकाया भी है.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच टीम यानी SIT गठित करने का आदेश दिया है. SIT का उद्देश्य हादसे के कारणों की जांच करना और लापरवाह बिल्डरों व कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि युवराज मेहता की मौत दम घुटने (Asphyxiation) और हृदयगति रुकने (Cardiac Arrest) के कारण हुई.
IANS/Hindi Post Dot In
