संसद में पीएम मोदी के ‘ब्लैंक चेक’ की रही गूंज, “सबकी फोटो छपवाने को तैयार हूं…”, विपक्ष से ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी ?

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संसद में पीएम मोदी के ‘ब्लैंक चेक’ की रही गूंज, “सबकी फोटो छपवाने को तैयार हूं…”, विपक्ष से ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी ?

 

मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर सभी विपक्षी दलों से साथ आने की अपील करते हुए कहा कि इस बिल को राजनीतिक तराजू से न तौलें. उन्होंने कहा कि आधी आबादी को हमें रोकना नहीं चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि वह इसका राजनीतिक क्रेडिट नहीं लेना चाहते हैं. इसलिए सभी दलों से अपील करते हैं कि सभी मिलकर इस बिल को पारित कराएं. पीएम ने विपक्षी दलों से कहा कि आप चाहें तो आप ही इसका क्रेडिट ले लें लेकिन इस बिल को पारित कराएं. पीएम का यह बदला-बदला रूप सदन में देखने को मिला. विपक्ष पर चुटीले आक्रमण करने की बजाय पीएम उनसे महिला आरक्षण बिल पारित न कराने की भूल की दुहाई देते नजर आए और ऑफर भी देते दिखे.

इसके साथ ही पीएम ने विपक्षी दलों से नम्र निवेदन करते हुए कहा कि मैं आपको ब्लैंक चेक दे रहा हूं. अगर आप चाहते हैं कि आपको क्रेडिट मिले तो हम सरकारी पैसे से आप सबकी फोटो छपवाने के लिए तैयार हैं. पीएम ने कहा कि आप जिन-जिन का फोटो देंगे, हम उन सबका सरकारी खर्च से फोटो छपवा देंगे लेकिन इस बिल को सदन से पारित हो जाने दीजिए.

इसके साथ ही पीएम ने कहा कि परिसीमन में किसी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. जब एक महिला सांसद ने टोका कि इसकी क्या गारंटी है तो पीएम ने कहा ये मेरी गारंटी है. अगर आप इसे वादा कहवाना चाहते हैं तो ये मेरा वादा है. तमिल में वादे के लिए अगर कोई शब्द है तो वह भी है. पीएम ने कहा कि यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी; सीटों का अनुपात पहले की तरह ही बना रहेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं. ये भ्रम भी न रहे कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है. हम सब जानते हैं कि कैसे चालाकी चतुराई की गई है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे. सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया. अब छोड़ दो न भाई. यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. मैं साफ शब्दों में कहता हूं कि मुझे इसका राजनीतिक लाभ नहीं है लेकिन आप विरोध करेंगे तो उसका लाभ हमें जरूर मिल जाएगा.”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि 25-30 साल पहले किसी ने विरोध किया था तो वह बहुत नीचे तक नहीं गया था. अब ऐसी गलती मत करना. अब महिलाएं ओपिनियन लीडर हैं, वे वोकल हैं. अब वे महिलाएं देखेंगी और अपनी राय जाहिर करेंगी. इसलिए विरोध करने वाले लोग ध्यान रखें. महिलाएं कहती हैं कि आप झाडू-कचरा वाले काम में तो जोड़ देते हो, लेकिन हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़िए. उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल में सफळता चाहते हैं, उनको यह मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25-30 साल में लाखों महिलाएं लीडर बन चुकी हैं. जमीन पर नेतृत्व कर रहीं महिलाएं ऐसे लोगों को माफ नहीं करेंगी. महिला आरक्षण का विरोध करने वाले लोगों को लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी. एक बार जब महिलाएं सदन में बड़ी संख्या में आ जाएंगी तो वे बहुत कुछ निर्णय लेंगी.


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