भारत के रक्षा बजट में कमी, पढ़िए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा

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प्रतीकात्मक फोटो

The Hindi Post

नई दिल्ली | भारत के रक्षा बजट पर कुल परिव्यय (आउटले) पिछले साल के 4.84 लाख करोड़ के संशोधित अनुमान की तुलना में मामूली घटकर 4.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी भारत का कुल रक्षा बजट 1.34 प्रतिशत घटा है। कुल पूंजी परिव्यय में पेंशन और रक्षा मंत्रालय (नागरिक) पर व्यय भी शामिल है।

हालांकि सरकार ने कहा कि पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि हुई है, जो इसके आधुनिकीकरण कार्यक्रम में सुरक्षाबलों की मदद करेगा। यह बजटीय आवंटन उस समय सामने आया है, जब भारत के अपने दो शत्रु देशों के साथ तनावपूर्ण संबंध चल रहे हैं। भारत का एक ओर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान, वहीं दूसरी ओर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ गतिरोध बना हुआ है।

 

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पिछले साल के 1.34 लाख करोड़ रुपये के संशोधित बजट की तुलना में इस वर्ष रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजी आवंटन 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा।

पिछले साल अनुमानित पूंजी परिव्यय 1.13 लाख करोड़ रुपये था और रक्षा बलों ने पूंजी आवंटन प्रमुख के तहत हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के लिए 20,776 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए।

बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया है।

राजनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा, “रक्षा बजट में 4.78 लाख करोड़ रुपये तक की बढ़ोत्तरी के लिए मैं (राजनाथ सिंह) प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को विशेष तौर पर धन्यवाद देना चाहता हूं। इस बार रक्षा बजट 4.78 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें 1.35 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल व्यय शामिल हैं। यह कैपिटल व्यय में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यह पिछले 15 वर्षों में कैपिटल व्यय के मद में अब तक की सबसे अधिक राशि है।”

रक्षा क्षेत्र के लिए राजस्व पिछले वर्ष के 2.09 लाख करोड़ रुपये के संशोधित बजट के मुकाबले 2.12 लाख करोड़ रुपये है।

पिछले वर्ष 1.25 लाख करोड़ रुपये के संशोधित आवंटन के मुकाबले रक्षा कर्मियों के लिए पेंशन पर आवंटन 1.15 लाख करोड़ रुपये है। यह पिछले साल किए गए संशोधित बजट आवंटन से भी कम है।

इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय के तहत नागरिक कार्यों के लिए आवंटन 15,257 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले साल के बजट में 15,914.06 करोड़ रुपये का संशोधित आवंटन था। नागरिक आवंटन में सड़कों, पुलों के निर्माण के लिए आवंटन, राज्य सरकारों को सहायता और पूर्वोत्तर क्षेत्रों और सीमा क्षेत्रों में आवास शामिल हैं।

 

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पिछले साल अप्रैल में चीन द्वारा सीमा विवाद शुरू करने के बाद रक्षा मंत्रालय ने सीमाओं पर व्यापक निर्माण कार्य किया है। सिविल कार्यों के लिए अनुमानित बजट 14,500 करोड़ रुपये है और संशोधित अनुमानों में यह बढ़कर 15,914.06 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने सीमा पार बुनियादी ढांचे के निर्माण में 1,414.06 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए हैं।

–आईएएनएस

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