बिना अनुमति संचालित बाल गृह से बालिकाओं के “गायब” होने के मामले में हुई बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिना अनुमति संचालित बाल गृह से 26 बालिकाओं के “गायब” होने के मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है.
बीते रोज राजधानी के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र के तारा सिवनिया में आंचल चिल्ड्रन होम संचालित होने की जानकारी सामने आई थी. इसके साथ ही पता चला था कि यहां से 26 बालिकाएं कथित तौर पर गायब है. इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया था. बाद में सभी बच्चियां मिल गई. उन्हें ढूंढ निकाला गया.
भोपाल के संभागायुक्त पवन शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के तीन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. ग्राम तारासेवनियां जिला भोपाल में संचालित आंचल चिल्ड्रन होम के संबंध में जिला प्रशासन ने जांच कराई थी. जांच में पता चला कि इस चिल्ड्रन होम का पंजीकरण नहीं है. यह संस्था वर्ष 2020 से संचालित है. इसके बाद चिल्ड्रन होम के संचालक अनिल मैथ्यू एवं अन्य पदाधिकारियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई. वहीं संस्था में रह रही 41 बालिकाओं को बाल कल्याण समिति भोपाल के समक्ष प्रस्तुत कराया गया.
बाल कल्याण समिति द्वारा सभी 41 बालिकाओं से बातचीत की गई. इसके बाद शासकीय बालिका गृह भोपाल में 14, बाल निकेतन ट्रस्ट बाल गृह में 10 और नित्य सेवा सोसायटी में 17 बालिकाओं को भेजा गया. अब ये बच्चियां यही रहेगी.
इस मामले में जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. इनमें तत्कालीन परियोजना अधिकारी बृजेन्द्र प्रताप सिंह, वर्तमान में परियोजना अधिकारी कोमल उपाध्याय एवं पर्यवेक्षक मंजूषा राज शामिल है. तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
