महाराष्ट्र के सांगली में भीड़ ने बच्चा-चोर होने के शक में 4 साधुओं को बुरी तरह पीटा
सांगली | महाराष्ट्र के सांगली में भीड़ द्वारा चार साधुओं की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है. यह घटना मंगलवार को पश्चिमी महाराष्ट्र में जिले (सांगली) की जाट तहसील के लवंगा गांव में हुई.
यह साधु मथुरा के पंचनामा जूना अखाड़े के बताए जा रहे हैं. इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है.
पालघर (महाराष्ट्र) जैसी इस घटना से एक ताजा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है. उस घटना में पालघर जिले में तीन साधुओं की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.
सांगली में हुई घटना में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं की गई है.
इस घटना ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की सरकार और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच एक ताजे राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले चार साधु कर्नाटक के बीजापुर से एक कार से महाराष्ट्र में दाखिल हुए थे और पंढरपुर के तीर्थस्थल की ओर जा रहे थे.
मंगलवार को वह एक स्थानीय लड़के से रास्ता पूछ रहे थे. तभी कुछ स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया और बच्चा चुराने वाला गिरोह समझ कर उन पर हमला कर दिया.
– बच्चा चोर गैंग समझ 4 साधुओं की बुरी तरह पिटाई
– सांगली जिले के लवंगा में चौंकाने वाली घटना
– उत्तर प्रदेश के मथुरा से चार साधु कर्नाटक में भगवान के दर्शन के लिए आए थे।
रात के समय गांव के एक मंदिर में रुके थे #Maharashtra #Sangli #sadhu #palghar #mumbai pic.twitter.com/DsLJ3g5dff— rahul shukla (@rshukla676) September 14, 2022
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है. इन वीडियो में देखा जा सकता है कि साधुओं पर लाठी और बेल्ट से हमला किया जा रहा है. उधर, राजनीतिक गलियारे में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने शिंदे-फडणवीस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह भाजपा की ‘गंदी राजनीति’ का हिस्सा है कि हिंदू साधुओं की इस तरह पिटाई की गई.
पटोले ने कहा, “राज्य में भाजपा शासन कर रही है, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री (फडणवीस) भाजपा से हैं.. अब उनके पास दिखाने लायक चेहरा भी नहीं बचा है”
कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने कहा कि इसी तरह की घटना अप्रैल 2020 में पालघर में हुई थी, जिसमें भाजपा के कई स्थानीय पदाधिकारी भी शामिल थे.
सावंत ने मांग की, “भाजपा ने उस घटना का इस्तेमाल एमवीए सरकार को ‘हिंदू विरोधी’ साबित करने के लिए किया था .. सांगली में अब ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई है. अभी किसकी सरकार है? क्या वे अब सीबीआई को जांच सौंपेंगे?”
सत्तारूढ़ भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने इस घटना को ‘भयावह और बर्बर’ करार दिया और मामले की पूरी जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य में इस तरह कि घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांगली के पुलिस अधीक्षक दीक्षित गेदाम ने मीडियाकर्मियों को बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कम से कम छह लोगों को हिरासत में लिया है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
इनपुट्स: आईएएनएस
