दतिया में जुलूस, सभा और प्रदर्शन पर रोक, धारा-163 लागू; टिकट कटने के बाद पहली बार बोले भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा

Narottam Mishra (1)

नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)

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टिकट कटने के बाद पहली बार बोले नरोत्तम मिश्रा, समर्थकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कही यह बात…

 

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. अब उपचुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने दतिया अनुभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू कर दी है. यहां जुलूस, सभा और प्रदर्शन आदि पर रोक लगा दी गई है. इसके लिए प्रशासन की अनुमति आवश्यक होगी.

दतिया अनुविभागीय अधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दतिया विधानसभा उप निर्वाचन-2026 के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं. जारी आदेश में जिक्र किया गया है कि 10 जुलाई की रात्रि झांसी-ग्वालियर हाईवे पर चक्का जाम की घटना से कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई.

जारी आदेश के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. आदेश के अनुसार, अनुभाग दतिया में कोई भी व्यक्ति बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन अथवा रैली आयोजित नहीं करेगा. साथ ही हथियार, लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू अथवा अन्य घातक वस्तुओं के साथ सार्वजनिक स्थानों पर भ्रमण एवं प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा.

आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक अथवा अन्य माध्यमों से भड़काऊ, आपत्तिजनक अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसारण पर भी रोक रहेगी. किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, नारे, पोस्टर, बैनर अथवा ऐसी गतिविधियां, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो, प्रतिबंधित रहेंगी.

आदेश में भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1994, मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा. पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने तथा बिना अनुमति लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा. यह आदेश पुलिस, सुरक्षा बलों, होमगार्ड, केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकृत जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों एवं विधि द्वारा अधिकृत व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा.

इस बीच भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के उग्र विरोध-प्रदर्शन से बचने की अपील की है. यह अपील उन्होंने तब की है जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें आगामी दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया.

पत्रकारों से बातचीत के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के फैसले का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से पुरजोर आग्रह किया कि वे विरोध जताने के लिए खुद पर पेट्रोल या केरोसिन डालने जैसे आत्मघाती व अतिवादी कदम कतई न उठाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विचारों में कोई मतभेद या असंतोष है तो उसे पार्टी के उचित मंचों पर ही रखा जाना चाहिए न कि इस तरह सड़क पर उतरकर मर्यादा लांघी जाए.

 

IANS/Hindi Post Dot in

 


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