बढ़ गई खान सर की मुश्किलें !, FIR में दर्ज हुआ उनका नाम

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फोटो: आईएएनएस

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बढ़ गई खान सर की मुश्किलें !, FIR में दर्ज हुआ उनका नाम

 

पटना | शिक्षक फैसल खान — जिन्हें ‘खान सर’ के नाम से जाना जाता है, उनके दो सुरक्षाकर्मियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पटना पुलिस ने FIR दर्ज की है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

पुलिस के अनुसार, इस प्राथमिकी (FIR) में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत प्रावधान शामिल किए गए हैं. ये हत्या के प्रयास से संबंधित है. साथ ही आर्म्स एक्ट की प्रासंगिक धाराएं भी लगाई गई हैं.

पटना के कदमकुआं इलाके में शिक्षक फैसल खान द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान में हुई घटना की जांच ने तब महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया जब एक वीडियो सामने आया जिसमें कथित तौर पर दो सुरक्षाकर्मी 2 जून को रात करीब 10.10 बजे उपद्रव के दौरान हवा में फायरिंग करते दिख रहे हैं.

पुलिस पहले ही कोचिंग संस्थान (खान सर की कोचिंग) से जुड़े दो निजी सुरक्षाकर्मियों — तालेबार सिंह और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है. ये दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.

कदमकुआं थाने के निरीक्षक (इंस्पेक्टर) अनिल कुमार द्वारा दी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर, दो गिरफ्तार अंगरक्षकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने जनता के बीच दहशत और डर का माहौल पैदा करने के इरादे से गोलीबारी की या गोलियां चलवाईं.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अंगरक्षकों ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने फैसल खान के निर्देश पर अपनी .315-बोर की राइफलों से फायरिंग की थी. पुलिस विवरण के मुताबिक, प्रत्येक गार्ड ने कथित तौर पर दो-दो राउंड फायरिंग की थी.

अधिकारियों ने उन हथियारों को जब्त कर लिया है जिन से कथित तौर पर फायरिंग की गई थी. हथियारों और अन्य सबूतों को फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण के लिए भेजा गया है.
इसके बाद दोनों गार्डों को जिला अदालत के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

यह विवाद पटना के कदमकुआं इलाके में दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुई झड़प से जुड़ा है. यहां कथित तौर पर तोड़फोड़, मारपीट और पथराव हुआ था. घटना के तुरंत बाद खान सर ने कहा था कि फायरिंग हुई है.

हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर व्याप्त भ्रम और तनाव के कारण वह स्पष्ट रूप से यह तय नहीं कर सके कि वास्तव में गोलियां चली थीं या नहीं.

इसके बाद, एक वीडियो सामने आया जिसकी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयानों, फोरेंसिक सबूतों की समीक्षा कर रही है.

अधिकारियों ने अभी तक बैलिस्टिक जांच या फोरेंसिक विश्लेषण के परिणामों को सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया है.

IANS

 


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