सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सिख फॉर जस्टिस से जुड़े ऐप्स, वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया
सांकेतिक तस्वीर (इंग्लिश पोस्ट)
नई दिल्ली | सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े ऐप्स, वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने ‘पंजाब पॉलिटिक्स टीवी’ के ऐप्स, वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है, जिनका एसएफजे के साथ घनिष्ठ संबंध है।
एसएफजे को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गैरकानूनी माना गया है।

इसमें कहा गया, “खुफिया इनपुट के अनुसार यह चैनल राज्य में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए ऑनलाइन मीडिया का उपयोग करने का प्रयास कर रहा था। मंत्रालय ने 18 फरवरी को आईटी नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के डिजिटल मीडिया संसाधनों को अवरुद्ध करने के लिए किया है।”

मंत्रालय ने दावा किया कि अवरुद्ध ऐप्स, वेबसाइट और सोशल मीडिया खातों की सामग्री में सांप्रदायिक वैमनस्य और अलगाववाद को भड़काने की क्षमता है और यह भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाए गए।
यह भी देखा गया कि पंजाब राज्य में चल रहे चुनावों के दौरान नए ऐप्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को लॉन्च करके फायदा उठाने की कोशिश की जा रही थी। सरकार भारत में समग्र सूचना वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क और प्रतिबद्ध है और भारत की संप्रभुता और अखंडता को कमजोर करने किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनवरी में, मंत्रालय ने 35 यूट्यूब-आधारित समाचार चैनलों और दो वेबसाइटों को अवरुद्ध करने का आदेश दिया था, जो डिजिटल मीडिया पर समन्वित तरीके से भारत के खिलाफ फर्जी समाचार फैलाने में शामिल थे।
पिछले साल दिसंबर में, आईटी नियम 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का पहली बार उपयोग किया गया था, तब केंद्र ने 20 यूट्यूब चैनलों और दो वेबसाइटों को अवरुद्ध कर दिया था।
आईएएनएस
