रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में कैसे हुई मौत ? दोस्तों ने बताया…
रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में कैसे हुई मौत ? दोस्तों ने बताया…
ज्ञान बिंदू कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की मौत नेपाल में कैसे हुई अभी इसपर सस्पेंस कायम है. नेपाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और इस बेहद ही संवेदनशील मामले में पुलिस हड़बड़ाहट में कुछ भी कहने से बच रही है. हालांकि, नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरे प्रिंस यादव की मौत को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है. लेकिन इन सब के बीच प्रिंस यादव के दोस्त ने बताया है कि आखिर प्रिंस की मौत कैसे हुई. कहा जा रहा है कि प्रिंस यादव अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल में ठहरा हुआ था. इन दोस्तों ने बताया है कि प्रिंस यादव ने दवा खाई थी.
रौशन आनंद सर का भाई प्रिंस यादव अपने जिन दोस्तों के साथ होटल में रुका था वह दोस्त बयान देते समय इतना लड़खड़ा क्यों रहे है? pic.twitter.com/iZWTmTdLye
— Einstein Yadav (@EinstYdv) June 14, 2026
रौशन आनंद के भाई के एक दोस्त अंकित कुमार ने बताया कि प्रिंस का पहले से दवा चलता था. यह दवा दिमागी बीमारी की थी और उसे दो बार अटैक भी आ चुका था. उसको किसी ने कुछ नहीं किया है. इससे पहले वो 5-7 दिनों से ठीक से सो नहीं रहा था. इधर 2-3 दिनों से उसने दवा शुरू की थी जिसके बाद से वो पर्याप्त मात्रा में सोने लगा. उस दिन हमलोग देखे कि वो सो रहा है तो हमें लगा कि अब वो रिलैक्स हो गया है. शाम में हमलोग बाहर निकले.
रोशन आनंद के भाई प्रिंस का मौत नेपाल विराटनगर के होटल में कैसे हुई प्रिंस का दोस्त रोशन ने बताई घटना की पूरी सच्चाई कर दिया बड़ा खुलासा जो लोग खान सर को बदनाम कर रहे हैं देखिए इस वीडियो को pic.twitter.com/iHidGmZWgF
— Sarfraz Sona (@SarfrazSona) June 14, 2026
अंकित कुमार ने आगे बताया कि धीरे-धीरे वो लंबी-लंबी सांसें लेने लगा. उसके बाद उसने हमको तुरंत फोन किया. हमलोग वहां तुरंत पहुंचे और फिर एंबुलेंस बुलाया गया. उसे तुरंत न्यूरो हॉस्पीटल लेकर हम लोग आए. उसी क्रम में उसकी मौत हो गई. उसको किसी ने नहीं मारा. हमलोग उसके बहुत करीबी दोस्त हैं, हमलोग क्यों करेंगे ऐसा? किसी दूसरे ने भी आकर उसको नहीं माारा है, उसका पहले से ही दवा चलता था.
प्रिंस के एक अन्य दोस्त ने रौशन कुमार बताया है कि 03 तारीख को हमलोग प्रिंस के साथ नेपाल आए थे. यहां हमलोग अलग-अलग होटल में रह रहे थे. घटना की रात हुआ यह कि वो खाना अच्छे से खाकर सो गया था. दवा भी खाई थी उसने. उसको मनोवैज्ञानिक समस्या थी जिसकी वो दवा खाता था. घटना के दिन जब वो सो गया तो हमलोग थोड़ा इधर-उधर घूमने के लिए चले गए. हमलोग घूम रहे थे तो वहां फोन आया कि उसकी तबीयत खराब हो चुकी है. तबतक हमलोग आए और उसे एंबुलेंस में बैठा कर अस्पताल ले गए. अस्पताल में उसको बचाने का प्रयास किया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका. उसके साथ हमलोगों ने या किसी अन्य दूसरे ने मारपीट नहीं की है. वो दवा खा रहा था और उसी के कारण मरा है.
