खेत में बनाया तहखाना और फिर करने लगे ऐसा काम कि जानकर उड़ जाएंगे होश…., VIDEO
सांकेतिक तस्वीर (Meta AI)
खेत में बनाया तहखाना और फिर करने लगे ऐसा काम कि जानकर उड़ जाएंगे होश
बनासकांठा | गुजरात की बनासकांठा पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने दिसा तालुका के महादेविया गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली भारतीय मुद्रा (नोट) बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.
देर रात की गई छापेमारी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा है. पुलिस ने मौके से 39 लाख रुपए से अधिक के नकली नोट, पांच प्रिंटर और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं.
एलसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि महादेविया गांव में रायमल सिंह परमार के खेत में बने एक तहखाने में नकली नोट छापे जा रहे हैं. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात छापा मारा और संजय सोनी और कौशिक श्रीमाली नाम के दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 500 रुपए के नकली नोटों की भारी मात्रा बरामद की जो इतने सटीक थे कि उनकी तुलना असली नोटों से की जा सकती थी. इसके साथ ही, नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच प्रिंटर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई.
पुलिस के अनुसार, इस नकली नोट फैक्ट्री का मास्टरमाइंड संजय सोनी है जिसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं. दूसरा आरोपी कौशिक श्रीमाली भी इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल था.
बनासकांठा
LCB बनासकांठा को बड़ी सफलता मिली
डीसा के महादेविया गाँव के एक खेत में स्थित एक आवासीय भवन के तहखाने में नकली नोट छापने की फैक्ट्री पकड़ी गई।
लाखों रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त किए गए (गिनती अभी बाकी है ) बनासकांठा पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस आगे की… pic.twitter.com/O2nIUUP6yi
— Nirnay Kapoor (@nirnaykapoor) September 4, 2025
तहखाना रायमल सिंह परमार के खेत में बना था जो इस मामले का तीसरा आरोपी है और वर्तमान में फरार है. रायमल सिंह के खिलाफ जबरन वसूली और धोखाधड़ी सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाल ही में उसे हिरासत से रिहा किया गया था. पुलिस ने रायमल सिंह को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं.
बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रशांत सुम्बे ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने नकली नोट छापने की बात कबूल की है.
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह फैक्ट्री कब से चल रही थी, नकली नोट बनाने का सामान कहां और किससे मिलता था और इन नोटों को किसे सप्लाई किया जाता था. पुलिस को शक है कि यह एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. एसपी ने कहा, “हमें विश्वास है कि जल्द ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी.”
