कोविड-19: सामूहिक टीकाकरण अभियान के लिए सरकार ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश

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Photo by Daniel Schludi on Unsplash - Image For Representation

The Hindi Post

नई दिल्ली | कोविड से लड़ने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाने के लिए जरूरी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें रोजाना प्रत्येक सत्र में 100 से 200 लोगों का टीकाकरण करने से लेकर, कोई प्रतिकूल असर न हो इसके लिए टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक निगरानी करने, लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क के उपयोग जैसे तमाम निर्देश शामिल हैं। यह वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिलते ही टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कोविड-19 वैक्सीन के बड़े पैमाने पर टीकाकरण के पहले चरण के लिए 30 करोड़ भारतीय आबादी को चिह्न्ति किया है। इसमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और 27 करोड़ ऐसे आम लोग हैं जो विशेषज्ञ समूह द्वारा तय किए गए प्राथमिकता वाले समूहों में आते हैं।

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12 दिसंबर को जारी किए गए दिशा-निदेशरें के अनुसार, लोक सभा और विधान सभा चुनाव में इस्तेमाल हुई नई सूची का उपयोग 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की पहचान करने में किया जाएगा।

रोजाना प्रत्येक सत्र में लगभग 100 से 200 लोगों को टीका लगाया जाएगा और फिर डोज के कारण कोई प्रतिकूल असर तो नहीं हो रहा, यह देखने के लिए 30 मिनट तक व्यक्ति की निगरानी की जाएगी। हर टीकाकरण टीम पांच सदस्यीय होगी।

दिशानिदेशरें में कहा गया है, “अगर टीकाकरण स्थल पर पर्याप्त जगह है तो एक और टीकाकरण अधिकारी 200 अन्य लाभार्थियों को टीका लगा सकता है।”

टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध किए गए लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना-पंजीकरण के लिए फोटो-पहचान दस्तावेज, जिसमें वोटर आईडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन दस्तावेज आवश्यक होंगे। वहीं टीकाकरण स्थल पर पहले से पंजीकृत हुए लाभार्थियों को ही निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार टीका लगाया जायेगा।

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अलग-अलग वैक्सीन का मिश्रण न हो इसलिए जिले में एक ही प्रकार का वैक्सीन या टीका आवंटित करने के लिए कहा गया है। साथ ही कहा गया है, “टीके ले जाने वाली शीशियों या आइस पैक सीधे सूर्य के प्रकाश में न आएं, इसके लिए जरूरी उपाय करने के लिए कहा गया है।”

हो सकता है कि कोविड-19 वैक्सीन के लेबल पर एक्सपायरी की तारीख नहीं हो, ऐसे में उपयोगकर्ता को इसका उपयोग करने से हतोत्साहित करने से मना किया गया है। साथ ही बची हुई वैक्सीन को हर दिन फिर से तत्काल कोल्ड चेन पॉइंट में वापस भेजने के लिए कहा गया है।

आईएएनएस


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