लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने का विरोध: झारखंड सरकार में मंत्री बोले – बढ़ाने की जगह कम करनी चाहिए उम्र
प्रतीकात्मक इमेज/आईएएनएस
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिलाओं की शादी के लिए न्यूनतम कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रस्ताव बुधवार को पारित किया था। लेकिन अब इस फैसले पर अजीबोगरीब बयान सामने आ रहे है।
इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बोल बिगड़ गए है।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाई गई तो वह आवारगी करेंगी। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी जल्दी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह सांसद में इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठायेंगे।

वही झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाफिजुल हसन ने भी अजीब बयान दिया। उनका कहना है कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने के बजाय कम करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 16 साल करनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार ने 18 से बढ़ाकर शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करके गलत किया। “मेरे हिसाब से इसको 16 साल करना चहिये था।”
वर्तमान में, पुरुषों के लिए विवाह की कानूनी न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष है।
सूत्रों ने कहा कि लड़कियो की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल करने का प्रस्ताव जया जेटली की अध्यक्षता वाले नीति आयोग के टास्क फोर्स की सिफारिश पर आधारित था। स्वास्थ्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कानून मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी पिछले साल जून में गठित इस टास्क फोर्स के सदस्य है।

