“पीएम मोदी ने मुझे माफ कर दिया, मुझे दूसरी जिंदगी …..” – प्रधानमंत्री को गंदी-गंदी गलियां देने वाली लड़की बोली, आया नया वीडियो
“पीएम मोदी ने मुझे माफ कर दिया, मुझे दूसरी जिंदगी …..” – प्रधानमंत्री को गंदी-गंदी गलियां देने वाली लड़की बोली, आया नया वीडियो
मैने इतनी बड़ी गलती कि लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे माफ कर दिया. मुझे दूसरी जिंदगी मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली छात्रा ने अब पीएम मोदी के वीडियो के बाद अपनी खुशी जाहिर की है. छात्रा ने कहा है कि मैंने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था और उसके बाद भी मुझे माफ़ करना बहुत बड़ी बात है. पीएम मोदी ने हाल ही में एक वीडियो में उन्हें अपशब्द कहने वाले छात्रों को माफ करते हुए उन्हें सही रास्ता दिखाए जाने की अपील की थी.
इस वीडियो के बाद छात्रा ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि पीएम मोदी ने मुझे माफ़ कर दिया है. यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. एक तरह से, मुझे दूसरी ज़िंदगी मिल गई है. मैंने इतनी बड़ी गलती की थी और कभी नहीं सोचा था कि मुझे माफ़ किया जाएगा. मुझे लगा था कि सब कुछ खत्म हो गया है. उन्होंने मुझे तुरंत माफ़ कर दिया. मैं रोने लगी क्योंकि जिस व्यक्ति के बारे में मैंने इतने बुरे शब्द कहे थे, उन्होंने ही मुझे माफ़ कर दिया. मैंने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था और उसके बाद भी मुझे माफ़ करना बहुत बड़ी बात है.
इससे पहले छात्रा ने वीडियो जारी कर अपशब्द कहने के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि वह बहकावे में आ गई थी. लड़की ने वीडियो में कहा, ये 15 साल की हूं. ये मेरी पहली और आखिरी गलती है. लड़की ने कहा, मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं. मुझे बहुत शर्मिंदगी हो रही है. मैं खुद को आइने में नहीं देख पा रही. प्लीज मुझे माफ कर दीजिए.
दरअसल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद से ही, प्रदर्शनकारियों के अपशब्द कहे जाने वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. कई लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हुई है. ऐसी ही एक वीडिया 15 वर्षीय रुचिका सिंह का वायरल हुआ, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी और अपशब्दों वाली आलोचना की, जिससे वह विवाद के केंद्र में आ गई और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं.
पीएम मोदी ने एक वीडियो में कहा, जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश-दुनिया ने देखा. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां दी. मुजे तो दी ही, मेरी स्वर्गीय माता को भी दी. लेकिन बचपन में गलतियां होती है. मैं समाज के अंदर आक्रोश को समझ सकता हूं. लेकिन समय है कि इन बच्चों को राह दिखाने का. मैं उन्हें माफ करना चाहता
