पहले की हत्या फिर निकाल दी आंखे, काट दिया प्राइवेट पार्ट भी, पुलिस ने पुजारी हत्याकांड से उठाया पर्दा, तीन गिरफ्तार

DIG Vikas Kumar (1)

हत्याकांड का खुलासा करते डीआइजी विकास कुमार

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बीते 16 दिसंबर को बिहार के गोपालगंज में एक पुजारी का शव मिला था. शव बुरी अवस्था में था. लाश से आंखे गायब थी. साथ ही पुजारी का गुप्तांग भी काट दिया गया था. इससे इलाके में सनसनी फैल गई थी. अब पुलिस ने इस घटना से पर्दा हटा दिया हैं. पुलिस ने बताया कि इस घटना में पुजारी की प्रेमिका की भूमिका थी.

सारण क्षेत्र के डीआईजी विकास कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि मनोज कुमार नेहा की अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देता था. नेहा की शादी हो चुकी थी. मनोज उसे ब्लैकमेल कर रहा था. इसी बात से नेहा नाराज थी.

पुलिस अधिकारी ने कहा, “जब मनोज नेहा को ब्लैकमेल करने लगा तो उसने उसको भाई और चाची के साथ मिलकर उसे अपने घर बुलाया. करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखने के बाद हत्या कर दी. 16 दिसंबर को उसका शव गांव में ही झाड़ी से बरामद किया गया था. हत्या के बाद उसकी दोनों आंखें निकाल ली गई थीं. जीभ और गुप्तांग को भी काट दिया गया था.”

हत्या में शामिल दो महिला समेत तीन लोगों को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में प्रयुक्त चाकू, रस्सी, दुपट्टा और मोबाइल को बरामद कर लिया गया हैं. गिरफ्तार अभियुक्तों में नेहा कुमारी, सुनीता देवी और अमित कुमार शामिल हैं. ये सभी मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर गांव के रहने वाले हैं. डीआइजी कुमार ने कहा कि मृतक मंदिर का पुजारी नहीं था, बल्कि केयर टेकर के रूप में रहता था.

बता दे कि मनोज कुमार का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया था. उन्होंने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. NH 27 को जाम कर दिया था. लोगों ने पत्थरबाजी की थी. इससे पुलिस के जवानों को चोट आई थी. पुलिस को अपने बचाव में हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी थी.

डीआईजी कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अब ऐसे लोगों के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है. पुलिस ने सभी अभियुक्तों पर जानलेवा हमला करने, पुलिस पर पत्थरबाजी करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैं.

डीआईजी कुमार ने कहा कि मनोज हत्याकांड के बाद कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा अनावश्यक रूप से पुलिस पर दबाव बनाने के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जा रहा था. पलिस पर आक्रमण भी किया गया था. इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई हैं. इसमें 25 नामजद और तकरीबन 100 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया हैं.

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