राजस्थान: चूरू में वायुसेना का फाइटर जेट क्रैश, दो की मौत
जगुआर फाइटर जेट क्रैश होने के बाद उसका जलता हुआ मलबा खेत में बिखर गया था (फोटो: आईएएनएस)
जयपुर | राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील में बुधवार दोपहर भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर जेट क्रैश हो गया. इस हादसे में सेना के दो पायलटों के शहीद होने की आशंका जताई जा रही है.
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह विमान सूरतगढ़ बेस से उड़ान भरने के बाद भनोदा गांव के पास एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. घटना के कारणों का पता लगाने के लिए वायुसेना ने जांच शुरू कर दी है. हादसा दोपहर करीब 1:25 बजे हुआ.
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने आसमान में तेज धमाके की आवाज सुनी जिसके बाद आग और धुएं का गुबार दिखाई दिया. विमान का मलबा खेतों में दूर तक बिखर गया. पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ बचाव कार्य शुरू किया.
चूरू के जिला कलेक्टर अभिषेक सुराना और पुलिस अधीक्षक जय यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अनधिकृत लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है.
#BREAKING: Army Plane/Fighter jet (Confirmation awaited) has crashed in Bhanuda village, Churu district, Rajasthan. Rescue teams are on-site and emergency protocols have been activated. Details about the pilot and cause of the crash are awaited. pic.twitter.com/eyAf5SX4Nz
— Bishwajeet Maurya (@bishwamaurya_) July 9, 2025
मौके पर राजलदेसर पुलिस को भेजा गया हैं. मलबे के पास से बुरी तरह क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिले हैं. वायुसेना के इस लड़ाकू विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी. विमान में 2 पायलट मौजूद थे. हालांकि, रतनगढ़ के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही वायुसेना ने 2 हेलीकॉप्टर घटनास्थल की ओर रवाना किए.
स्थानीय लोगों में हादसे के बाद दहशत का माहौल है. कई ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए जिसके कारण पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा.
बता दें, यह इस साल का तीसरा जगुआर विमान हादसा है. इससे पहले 2 अप्रैल को भी गुजरात के जामनगर के पास भारतीय वायुसेना का जगुआर प्लेन क्रैश हो गया था. वहीं अंबाला के पास 7 मार्च को भी वायुसेना का डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर हादसे का शिकार हो गया था.
वायुसेना के बेड़े में करीब 121 जगुआर विमान हैं, जिन्हें 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने और उनकी जगह एचएएल तेजस एमके1ए जैसे आधुनिक विमानों को शामिल करने की योजना है. हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं.
आईएएनएस
