जब फर्जी IAS अधिकारी ने असली SDM को मारा था थप्पड़, हैरान कर देगी यह कहानी
जब फर्जी IAS अधिकारी ने असली SDM को मारा था थप्पड़, हैरान कर देगी यह कहानी
फर्जी IAS अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह गिरफ्तार हो चुका है. उसकी गिरफ्तारी के बाद अब चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. जांच में खुलासा हुआ है कि गौरव इतना निडर था कि उसने बिहार के भागलपुर में असली SDM को थप्पड़ मार दिया था. शर्मिंदगी के डर से SDM ने शिकायत नहीं की थी जिससे उसकी हिम्मत बढ़ गई. इसी आत्मविश्वास के सहारे वह उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड में बेखौफ घूमता रहा और जालसाजी का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने में सफल रहा.
गौरव सीतामढ़ी (बिहार) का रहने वाला है. उसके पास लाल-नीली बत्ती वाली इनोवा और 10–15 लोगों की टीम रहती थी जो गार्ड, स्टेनो और प्रोटोकॉल अधिकारी बनकर उसके साथ चलते थे. ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी दफ्तरों में उसकी एंट्री इतनी प्रभावशाली होती थी कि किसी को शक ही नहीं होता था.
जांच अधिकारियों के मुताबिक, गौरव और उसका साला अभिषेक कुमार AI टूल्स और सॉफ्टवेयर की मदद से मिनटों में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर लेते थे. इनमें गृह मंत्रालय का लेटर पैड, टेंडर मंजूरी पत्र, नियुक्ति आदेश, विभागीय ईमेल और अखबारों की नकली कटिंग शामिल थी. अब ये दस्तावेज पुलिस के लिए अहम सबूत बन गए हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरव की ठगी का सबसे बड़ा शिकार मोकामा के ठेकेदार मुकुंद माधव बने थे जिन्होंने उसे 5 करोड़ रुपये दिए थे. ये पैसे उन्होंने ठेका लेने के लिए दिए थे. ठेका न मिलने पर जब वह पैसा मांगने लगे तो गौरव भागकर गोरखपुर आ गया और छह महीने तक गुलरिहा क्षेत्र में किराए के मकान में IAS बनकर रहने लगा. उसने घर के बाहर बोर्ड लगवाया हुआ था — “IAS गौरव कुमार, भारत सरकार”
पड़ोसियों के अनुसार, वहां अक्सर कई गाड़ियां खड़ी रहती थीं और गार्ड भी मौजूद रहते थे जिससे किसी को उसकी असलियत पर कभी शक नहीं हुआ.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि गौरव का नेटवर्क यूपी में मजबूत करने में परमानंद गुप्ता की बड़ी भूमिका थी. वह स्थानीय व्यापारियों तक गौरव को पहुंचाता था और बदले में कमीशन लेता था.
अब पुलिस ने मामले की जांच को चार राज्यों तक बढ़ा दिया है और गौरव के डिजिटल ट्रेल तथा संपर्कों की गहराई से पड़ताल की जा रही है.
आरोपियों का मूल विवरण:
• गौरव कुमार उर्फ ललित किशोर: सीतामढ़ी, बिहार
• अभिषेक कुमार (साला): रामनगरा गांव, सीतामढ़ी
• परमानंद गुप्ता: लच्छीपुर, गोरखपुर
पुलिस का कहना है कि इन तीनों ने मिलकर फर्जी IAS गैंग तैयार कर रखा था.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
