डॉक्टर ने फांसी लगा के दी जान, मरने से पहले बीवी और 2 बच्चों को लगाए नशे के इंजेक्शन फिर हथौड़ा मारकर की हत्या
प्रतीकात्मक फोटो
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से दर्दनाक वाकया सामने आया है. यहां एक डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या करने से पहले अपनी बीवी और दो बच्चों को मौत की नींद सुला दिया. 45 वर्षीय डॉक्टर का नाम अरुण कुमार सिंह था. इस घटना से रायबरेली में सनसनी फैल गई है.
रेलकोच फैक्ट्री में तैनात एडिशनल डिवीजनल मेडिकल अफसर अरुण सिंह ने अपनी पत्नी अर्चना, बेटा आरव और बेटी अदिवा की हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
अरुण सिंह एक नेत्र चिकित्सक थे. वह मॉडर्न रेलकोच फैक्ट्री के आवासीय परिसर में अपने परिवार के साथ रहने थे.
जो जानकारी निकल कर सामने आई है उसके अनुसार, सिंह ने अपने परिवार को पहले नशीले इंजेक्शन दिए. बाद में सभी की हथौड़े मारकर हत्या कर दी. इसके बाद खुद को धारदार औजार से काटने की कोशिश करते हुए फांसी लगा ली.
जब पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली तो वह भी सन्न रह गई. आनन-फानन में एसपी आलोक प्रियदर्शी, एडिशनल एसपी, सीओ और फोरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस को पड़ोसियों ने सूचित किया था. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घर का दरवाजा बलपूर्वक तोड़ा और अंदर दाखिल हुई. घर के अंदर डॉक्टर का शव लटकता मिला. जबकि अन्य सभी के शव खून से लथपथ बेड पर पड़े मिले.
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि रेलवे कोच फैक्ट्री के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह कथित तौर पर अवसाद से जूझ रहे थे.
आलोक प्रियदर्शी के अनुसार, फोरेंसिक टीम के शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि सिंह ने पहले अपनी पत्नी, बेटे और बेटी की जान ली और अंततः अपनी जिंदगी खत्म कर ली.
एसपी ने कहा, “हम डॉक्टर की मानसिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने और तनाव के कारणों को जानने के लिए उनके दोस्तों, परिवार के अन्य लोगों, सहकर्मियों और परिचितों के बयान लेने की प्रक्रिया में हैं.” एसपी ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर सिंह डिप्रेशन के मरीज थे. उन्होंने पहले अपने परिवार जनों को नशीला पदार्थ दिया क्योंकि मौके पर नशीले इंजेक्शन मिले हैं और फिर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद उन्होंने खुद को घायल किया और फिर फांसी लगा ली. हमें पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट का इंतजार है.
अधिकारी ने आगे कहा कि मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर डॉक्टर सिंह ने कई तरह के इंजेक्शन का प्रयोग किया था. ऐसा लगता है कि बच्चों को कोई नशे की दवा देकर पहले बेहोश किया गया. फिर उनकी हत्या की और अंत में खुद को मार लिया.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)
