चीन-नेपाल बॉर्डर पर प्राकृतिक आपदा का कहर; भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी
चीन-नेपाल बॉर्डर पर प्राकृतिक आपदा का कहर; भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी
नेपाल-चीन सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. तिब्बत स्थित ग्यिरोंग पोर्ट पर कस्टम ऑफिस की बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह पानी और मलबे में समा गई. इसका खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. तेज बहाव में लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़क और 19 पुल पूरी तरह बह गए हैं.
प्रमुख बिंदु:
बड़े पैमाने पर लोग लापता: नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक (105 भारतीय शामिल) और 93 नेपाली नागरिक हैं.
राहत एवं बचाव कार्य: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रभावित क्षेत्र में त्वरित बचाव कार्य के आदेश दिए हैं.
Nepal flash flood –
नेपाल में आई बाढ़ का एक और डरावना वीडियो। यह तस्वीर चीन अधिकृत तिब्बत के इमिग्रेशन सेंटर की है। बाढ़ की वेव करीब 5 मंजिला ऊंची इमारत को पार कर गईं। यहां पर शायद ही कोई जिंदा बच पाया होगा। बाढ़ की शुरुआत इसी एरिया से हुई, जो बाद में नेपाल में एंटर हुई। https://t.co/JiWboP9mSw pic.twitter.com/DYFAgNHZIr
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026
भारत में अलर्ट: बाढ़ का पानी आगे उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर बढ़ने की आशंका के चलते सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
कारण और आरोप: माना जा रहा है कि पहाड़ों से बर्फ और मिट्टी का बड़ा हिस्सा नदी में गिरने से यह आपदा आई. वहीं, नेपाल में कुछ वर्गों का कहना है कि चीन द्वारा समय पर पूर्व चेतावनी न देने से नुकसान अधिक हुआ.
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