कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई, राहुल गांधी के लिए पार्टी नेताओं ने उठाई यह मांग
नई दिल्ली | देश में हुए लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत सभी नेता पहुंचे. इस बैठक में मौजूद नेताओं ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग की.
नेताओं ने राहुल के नाम पर मोहर लगाने की बात की. इस बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश-भर में फैले कांग्रेस पार्टी के नेताओं और करोड़ों कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा कि जनता ने हम पर विश्वास व्यक्त कर तानाशाही शक्तियों और संविधान विरोधी ताकतों को कड़ा जवाब दिया है. हिंदुस्तान के मतदाताओं ने बीजेपी के 10 साल की विभाजनकारी, नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति को खारिज किया है. उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में चुनाव लड़कर जीत हासिल की.
उन्होंने सोनिया गांधी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव की तैयारियों और गठबंधन की बैठकों में बढ़-चढ़कर भाग लिया.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में दो साल पहले 4 हजार किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा और फिर 6,600 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो न्याय यात्रा की मदद से हमें जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं, सरोकारों और आकांक्षाओं को जानने में मदद मिली.
उन्होंने प्रियंका गांधी को खास तौर पर बधाई देते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने अमेठी और रायबरेली के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी जोरदार प्रचार किया. कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात को सबके सामने रखा कि जहां-जहां से भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा गुजरी, वहां पर कांग्रेस पार्टी के वोट प्रतिशत और सीटों में बढ़ोतरी हुई है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर से न्याय यात्रा शुरू हुई थी. वहां से कांग्रेस पार्टी दो सीटें जीती है. नागालैंड, असम, मेघालय जैसे उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में हमे सीटें मिली है. महाराष्ट्र में हम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे.
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इंडिया गठबंधन के साथी दलों की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में सभी सहयोगी दलों ने अहम भूमिका निभाई. हर पक्ष ने यथासंभव योगदान दिया.
बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, “चुनाव के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होती है और स्थिति का विश्लेषण करती है. राहुल गांधी का यह 5वां कार्यकाल है. वह एक वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें संसदीय दल का नेता होना चाहिए.
IANS
