लखनऊ में जलाई गई रामचरितमानस की प्रतियां
लखनऊ में रामचरितमानस की प्रतियां को जलाने का मामला सामने आया हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरितमानस को लेकर एक विवादित बयान दिया था.
अब स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में कुछ लोगों ने रामचरितमानस की प्रतियां जला दी. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजधानी में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में उतर आया. महासभा के लोगों ने वृंदावन योजना में ग्रंथ की प्रतियां जलाई हैं. इसका वीडियो भी सामने आया हैं.
इनकी बुद्धि पर तरस आती है,घटिया और शर्मनाक। रामचरितमानस की प्रति को फाड़ा
और जलाया।#Lucknow #Ramcharitmanas इनका मानसिक और शारीरिक इलाज दोनो ज़रूरी है। pic.twitter.com/OXqEtHfys8— SHAMSHER SINGH (@ShamsherSLive) January 29, 2023
क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्या ने –
“..स्वाभाविक रूप से उसमें (तुलसीदास की लिखी रामचरितमानस) कुछ अंश ऐसे हैं जिसपर हमें पहले भी आपत्ति थी और हमने पहले भी सार्वजनिक मंचो से कहा हैं .. आज फिर कह रहा हूँ – किसी भी धर्म को किसी को भी गाली देने का अधिकार नहीं हैं… सरकार को, जो भी आपत्तिजनक अंश हैं, उनको बाहर कर देना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को बैन कर देना चाहिए जिससे पिछड़ो, आदिवासियों की भावनाए आहात हो रही हो”.
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर विशेष जाति का अपमान किया गया हैं. स्वामी प्रसाद बोले, जिस दकियानूसी साहित्य में पिछड़ों और दलितों को गाली दी गई हो उसे प्रतिबंधित होना चाहिए. स्वामी प्रसाद ने आगे कहा कि अगर सरकार तुलसीदास की रामायण को प्रतिबंधित नहीं कर सकती तो उन श्लोकों को रामायण से हटाना चाहिए.
लखनऊ के वृंदावन योजना में जलाई गई रामचरितमानस की प्रतियाँ। @SwamiPMaurya के समर्थन में उतरा अखिल भारतीय ओबीसी महासभा। रामचरितमानस की विवादित अंश की प्रतियों को जलाकर किया विरोध प्रदर्शन। pic.twitter.com/KPi7ee5cAc
— SANJAY TRIPATHI (@sanjayjourno) January 29, 2023
स्वामी प्रसाद यह भी बोले कि कई करोड़ लोग रामचरितमानस नहीं पढ़ते और इसको अपनी निजी खुशी के लिए उन्होंने (तुलसीदास) लिखा था. साथ ही वो बोले, “सब बकवास हैं.”
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
