लखनऊ में जलाई गई रामचरितमानस की प्रतियां

Copies of Ramcharitramanas burnt in Lucknow (1)
The Hindi Post

लखनऊ में रामचरितमानस की प्रतियां को जलाने का मामला सामने आया हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरितमानस को लेकर एक विवादित बयान दिया था.

अब स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में कुछ लोगों ने रामचरितमानस की प्रतियां जला दी. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजधानी में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में उतर आया. महासभा के लोगों ने वृंदावन योजना में ग्रंथ की प्रतियां जलाई हैं. इसका वीडियो भी सामने आया हैं.

क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्या ने –

“..स्वाभाविक रूप से उसमें (तुलसीदास की लिखी रामचरितमानस) कुछ अंश ऐसे हैं जिसपर हमें पहले भी आपत्ति थी और हमने पहले भी सार्वजनिक मंचो से कहा हैं .. आज फिर कह रहा हूँ – किसी भी धर्म को किसी को भी गाली देने का अधिकार नहीं हैं… सरकार को, जो भी आपत्तिजनक अंश हैं, उनको बाहर कर देना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को बैन कर देना चाहिए जिससे पिछड़ो, आदिवासियों की भावनाए आहात हो रही हो”.

उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर विशेष जाति का अपमान किया गया हैं. स्वामी प्रसाद बोले, जिस दकियानूसी साहित्य में पिछड़ों और दलितों को गाली दी गई हो उसे प्रतिबंधित होना चाहिए. स्वामी प्रसाद ने आगे कहा कि अगर सरकार तुलसीदास की रामायण को प्रतिबंधित नहीं कर सकती तो उन श्लोकों को रामायण से हटाना चाहिए.

स्वामी प्रसाद यह भी बोले कि कई करोड़ लोग रामचरितमानस नहीं पढ़ते और इसको अपनी निजी खुशी के लिए उन्होंने (तुलसीदास) लिखा था. साथ ही वो बोले, “सब बकवास हैं.”

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क

 


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