सीएम योगी का बड़ा फैसला, इस परीक्षा को किया गया निरस्त
फाइल फोटो | आईएएनएस
सीएम योगी का बड़ा फैसला, इस परीक्षा को किया गया निरस्त…..
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम निर्णय लिया है. उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद के लिए अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली की शिकायतें सामने आई थी. इन शिकायतों के आधार पर एसटीएफ यूपी को सूचनाएं प्राप्त हुईं थी जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गोपनीय जांच के आदेश दिए गए थे
जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों- महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया था. आरोपियों के खिलाफ थाना विभूतिखंड, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
पूछताछ में मुख्य आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया था कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकालकर कई अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे. इसके लिए उसने पैसे लिए थे. STF की गहन विवेचना और डेटा विश्लेषण से उसकी स्वीकारोक्ति की पुष्टि हुई थी.
जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों और व्यक्तियों के नाम भी सामने आए थे. आयोग से प्राप्त डाटा के मिलान में यह स्पष्ट हुआ था कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है.
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा का आयोजन शीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा सुनिश्चित किया जाए ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके.
