हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं इसलिए हो रही है क्योंकि लोग मांस खाते हैं: आईआईटी मंडी निदेशक
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने जम कर कहर बरपाया है. भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई. कई घर जमीदोंज हो गए. पेड़ों को नुकसान पहुंचा. सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है. इतनी तबाही देखकर प्रदेश और देशवासी सहम गए.
इस भयंकर त्रासदी के लिए आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने मांसाहार को जिम्मेदार बताया है. प्रोफेसर बेहरा का एक बयान सामने आया है जिसमें वह हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा के लिए मांसाहार को वजह बता रहे है.
उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उनके इस बयान पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे है. बड़ी संख्या में लोग उनके बयान की आलोचना कर रहे है.
दरअसल, प्रोफेसर बेहरा आईआईटी के सभागार में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान, उन्होंने मांसाहार को हिमाचल में हुई त्रासदी के लिए जिम्मेदार बताया. हालांकि, यह कार्यक्रम कब हुआ इसकी तिथि वह समय की सही जानकारी उपलब्ध नहीं है.
IIT Mandi के निदेशक ने हिमाचल त्रासदी की जो वजह बताई है वो अजीबोगरीब है उनके इस स्टेटमेंट पर क्या है आपकी राय #himachaldisaster#IITMandi#directorIIt@SukhuSukhvinder@IITMandiiHub@AAS_IITMandipic.twitter.com/SpNAngUWfp
— Avantika khatri (@avikhatri1996) September 7, 2023
प्रोफेसर बेहरा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल के लोग जानवरों को मारकर मांस खाते है इसलिए यहां पर प्राकृतिक त्रासदी आई. अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को नेक इंसान बनने की सलाह दी और उन्हें मांस नहीं खाने की शपथ भी दिलाई. उन्होंने मंच से विद्यार्थियों से पूछा कि वह मांसाहार करेंगे या नहीं. इस प्रश्न को एक नहीं कई बार पूछा गया और इसका जवाब हां में देने को कहा गया.
निदेशक ने कहा कि यहां के अधिकतर लोग मांसाहारी हैं इसकी वजह से प्राकृतिक आपदा बार बार कहर बरपा रही है. यदि वे यहीं नहीं रुके तो मांसाहार खाने से हिमाचल का पतन तय है. उन्होंने पशु क्रूरता पर भी सवाल उठाए.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
