उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में त्राहिमाम, बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही, रोकी….
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुचंकर सूझ-बूझ से राहत और बचाव कार्य शुरू किया \(फोटो क्रेडिट: आईेएनएस)
रुद्रप्रयाग | उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के रुमसी गांव में शुक्रवार रात (25 जुलाई की मध्य रात्रि) भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा जब इलाके में अचानक बादल फटने की घटना हुई. इस हादसे के बाद बिजयनगर समेत कई गांवों में अफरा-तफरी मच गई. घरों में पानी घुस गया, कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि तबाह हो गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस आपदा में अब तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
बादल फटने के साथ ही कई स्थानों पर मलबा और पानी बहकर रिहायशी इलाकों में घुस गया. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल अलर्ट पर हैं. भारी बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं भी लगातार हो रही हैं जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
बीती रात रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि से आगे रूमसी गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई। गाड़ियाँ दब गई, मलबा घरों में घुस गया, दोपहिए वाहन ग़ायब हो गए। एक स्थानीय व्यक्ति ने ही ये वीडियो बनाकर मीडिया तक पहुंचाया है।
राहत बचाव के लिए टीम मैंने पर पहुँच गई है।#Rudraprayag… pic.twitter.com/PhAxuSFtVS— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) July 26, 2025
केदारनाथ यात्रा पर भी इस आपदा का असर पड़ा है. एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, सोनप्रयाग से आगे के क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है. इसकी वजह से यात्रा मार्ग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा को गौरीकुंड में अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम, उप निरीक्षक अशीष डिमरी के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई. टीम ने मौके पर पहुंचकर सतर्कता और सूझबूझ से राहत कार्य शुरू किया. इस दौरान रास्ते में फंसे लगभग 100 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
पीडब्ल्यूडी मजदूरों की मदद से वैकल्पिक मार्ग के निर्माण का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है, ताकि जल्द से जल्द आवागमन बहाल किया जा सके और तीर्थयात्रियों को आगे की यात्रा के लिए सुरक्षित मार्ग मिल सके. एसडीआरएफ की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में डटी हुई है और हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
IANS
