जानता नहीं था फिर भी मार डाला…, 24 घंटे में किए तीन कत्ल, एनकाउंटर में ढेर हुए रिटायर्ड फौजी को इस आदत ने बनाया ‘साइको किलर’…!
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
जानता नहीं था फिर भी मार डाला…, 24 घंटे में किए तीन कत्ल, एनकाउंटर में ढेर हुए रिटायर्ड फौजी को इस आदत ने बनाया ‘साइको किलर’…!
उत्तर प्रदेश के चंदौली में 24 घंटे के भीतर तीन बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले सीरियल साइको किलर गुरप्रीत सिंह का पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया है. पुलिस कस्टडी में क्राइम सीन रिक्रिएशन (Crime Recreation) के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की जिसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई में वो मारा गया.
पंजाब के अमृतसर का रहने वाला गुरप्रीत भारतीय सेना का पूर्व जवान था. वह 2021 में रिटायर हुआ था. हाल ही में वह बिहार के आरा में एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत था लेकिन अत्यधिक शराब पीने की लत के कारण उसे 29 अप्रैल 2026 को नौकरी से निकाल दिया गया. पुलिस के अनुसार, नौकरी जाने के सदमे और मानसिक तनाव ने उसे एक हिंसक साइको किलर बना दिया. हैरानी की बात यह है कि उसने जिन तीन लोगों की हत्या की, वे सभी उसके लिए पूरी तरह अनजान थे.
गुरप्रीत के आतंक की शुरुआत रविवार सुबह उस समय हुई जब उसने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से जा रही एक पैसेंजर ट्रेन में मंगरू नाम के यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को पटरी पर फेंक दिया. अभी जीआरपी इस मामले की जांच कर ही रही थी कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात उसने सियालदह-जम्मू तवी एक्सप्रेस में दिनेश साहू नामक यात्री के सिर में गोली मार दी.
#चंदौली: पूर्वांचल के पहले साइको किलर का अंत। 48 घंटे से कम में 3 कत्ल, तीनों के सिर में गोली। Ex-आर्मी जवान गुरप्रीत सिंह ने DDU-ताड़ीघाट पैसेंजर, जम्मूतवी एक्सप्रेस और अलीनगर अस्पताल में खूनी खेल खेला। सीन रिक्रिएशन के दौरान पिस्टल छीनकर भागा, एनकाउंटर में ढेर।
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— Adv.Jaint Kumar Singh (@JaintKumarSing3) May 11, 2026
खूनी सिलसिला यहीं नहीं रुका
सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उसने चंदौली के अलीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर इलाज करा रही बुजुर्ग महिला लक्ष्मीना देवी की हत्या कर दी. हालांकि, इस तीसरी वारदात के बाद वह भाग नहीं सका और ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.
एनकाउंटर में अंत
पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर ले गई थी. वहां गुरप्रीत ने अचानक पुलिसकर्मी पर हमला कर हथियार छीन लिया और गोलीबारी करते हुए भागने लगा. आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं जिसमें वह ढेर हो गया. इस मुठभेड़ के साथ ही चंदौली में फैले दहशत के साये का अंत हो गया.
