टीके से जुड़ी मौतों की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘टीकाकरण पर संदेह नहीं कर सकते’
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नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह चल रहे कोविड टीकाकरण पर गलत संदेश नहीं दे सकता है और इस बात पर जोर दिया कि डब्ल्यूएचओ ने भी टीकों के पक्ष में बात की है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और ए.एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा, “हम यह संदेश नहीं भेज सकते कि टीकाकरण में कुछ समस्या है। डब्ल्यूएचओ ने टीकों के पक्ष में बात की है, दुनिया भर के देश ऐसा कर रहे हैं! हम इस पर संदेह नहीं कर सकते।”
मासिक प्रगति रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने दोहराया कि इस समय टीकाकरण पर संदेह करना सही नहीं है।
याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने प्रस्तुत किया कि जिस समय यह याचिका दायर की गई थी, उस समय देश भर में वैक्सीन से जुड़ी सैकड़ों मौतें हुई थीं। उन्होंने तर्क दिया कि टीकाकरण करवाने वाले स्वस्थ लोग मर रहे हैं।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने उत्तर दिया कि यह टीके के कारण नहीं होगा और पूछा, ‘संबंध क्या है?’
उन्होंने कहा कि अदालत को समग्र रूप से राष्ट्र की भलाई देखनी होगी। उन्होंने कहा, “दुनिया एक अभूतपूर्व महामारी की चपेट में थी, जैसा कि हमने अपने जीवन में नहीं देखा है। यह सर्वोच्च राष्ट्रीय महत्व है कि हम टीकाकरण करें।”
पीठ ने कहा, “हमारे दिमाग में कुछ चीजें हैं,” और मामले को दो सप्ताह के बाद आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया।
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