चार दिन बाद भी नहीं मिली मॉडल दिव्या पाहुजा की लाश, SIT कर रही जांच… कहानी उस मॉडल की जो खुद सात साल रही जेल में

Divya Pahuja (2)
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गुरुग्राम | गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त ने शुक्रवार को पूर्व मॉडल और मारे गए गैंगस्टर संदीप गाडोली की गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा की हत्या मामले में जांच के लिए SIT का गठन कर दिया. जिस होटल में दिव्या ठहरी हुई थी, उसके मालिक ने कथित तौर पर उसकी गोली मारकर हत्या की थी.

दिव्या (27) की 2 जनवरी को होटल सिटी पॉइंट के मालिक अभिजीत सिंह ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, दिव्या और अभिजीत रिलेशनशिप में थे और हत्या उसी होटल के कमरा नंबर 111 में हुई थी.

पुलिस को अभी तक दिव्या का शव नहीं मिला है. आशंका जताई जा रही है कि शव को पंजाब में कहीं फेंक दिया गया है.

शुक्रवार को गठित SIT का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (अपराध) विजय प्रताप सिंह करेंगे.

हत्या के सिलसिले में तीन लोगों – अभिजीत, ओम प्रकाश और हेमराज को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस अभी भी दो अन्य आरोपियों बलराज और रवि बंगा की तलाश कर रही है.

पुलिस ने बताया कि दिव्या की हत्या 2 जनवरी की शाम करीब 5 बजे की गई थी और रात लगभग 11 बजे, अभिजीत ने उसके बेजान शरीर को ठिकाने लगाने के लिए ओम प्रकाश और हेमराज – जो उसके होटल में काम करते थे, की मदद ली.

पूछताछ के दौरान अभिजीत ने पुलिस को बताया कि दिव्या के पास उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें हैं और वह उसे ब्लैकमेल करने के साथ-साथ उससे पैसे भी वसूल रही थी.

उसने दिव्या से उन तस्वीरों को डिलीट करने के लिए कहा था और उसके मोबाइल फोन का पासवर्ड मांगा था. हालांकि, दिव्या ने पासवर्ड अभिजीत को बताया नहीं था. इसके दोनों में तीखी बहस हुई और फिर अभिजीत ने उस पर गोली चला दी.

गुरुवार को गुरुग्राम पुलिस को अभिजीत, ओम प्रकाश और हेमराज की पांच दिन की रिमांड मिल गई.

डीसीपी विजय सिंह ने कहा, “दिव्या की हत्या करने के बाद, अभिजीत ने ओम प्रकाश और हेमराज की मदद से उसके शव को बीएमडब्ल्यू कार में रखवाया था. फिर अभिजीत ने लगभग 1.5 किमी तक कार चलाई थी और कार की चाबियां अपने सहयोगियों बलराज और रवि को सौंप दीं थी. बलराज और रवि शव को ठिकाने लगाने के लिए पंजाब की ओर चले गए थे.”

बाद में बरामद हुई बीएमडब्ल्यू कार से पुलिस को उसका शव नहीं मिला.

पुलिस को शक है कि बलराज और रवि बीएमडब्ल्यू कार से हरियाणा के हिसार और सिरसा होते हुए पंजाब में दाखिल हुए थे. फिर शव को ठिकाने लगाया गया और फिर वे मनसा होते हुए पटियाला पहुंचे थे.

दोनों कार को पटियाला बस स्टैंड के पार्किंग एरिया में छोड़कर भाग निकले थे. सूत्रों के मुताबिक, बलराज की आखिरी लोकेशन पटियाला में मिली थी.

बलराज और रवि की तलाश में गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में छापेमारी कर रही है.

डीसीपी सिंह ने कहा, “दिव्या के शव और आरोपी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. मामले की जांच में कई टीमें लगी हुई हैं. आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे.”

दिव्या जेल में बंद गैंगस्टर बिंदर गुज्जर के जरिए अभिजीत के संपर्क में आई थी.

गैंगस्टर संदीप गडोली के कथित “फर्जी एनकाउंटर” में बिंदर गुज्जर को मुख्य साजिशकर्ता बताया जाता है. गुरुग्राम पुलिस ने संदीप का मुंबई में साल 2016 में एनकाउंटर कर दिया था.

दिव्या इस मामले में मुख्य आरोपी थी. बाद में, उसे संदीप गडोली की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. दिव्या सात साल जेल में रही थी बंद.

उसे पिछले साल जून में बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिली थी.

दिव्या के परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या की साजिश अभिजीत के साथ मिलकर संदीप गाडोली के परिवार वालों ने रची है. फ़िलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.

आईएएनएस

 


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