तंबू वाले हकीम के चक्कर में फंसा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सेक्स ट्रीटमेंट के नाम पर लगा 48 लाख का चूना, इस अंग में हो गई परेशानी….
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
तंबू वाले हकीम के चक्कर में फंसा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सेक्स ट्रीटमेंट के नाम पर लगा 48 लाख का चूना, इस अंग में हो गई परेशानी….
बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि खुद को आयुर्वेदिक डॉक्टर बताने वाले डॉक्टर ने सेक्स संबंधित समस्याओं के इलाज के नाम पर उसे नुकसानदायक दवाएं बेचकर करीब 48 लाख रुपये ठग लिए.
इंजीनियर ने विजयलक्ष्मी आयुर्वेदिक दुकान के मालिक “विजय गुरुजी” के खिलाफ धोखाधड़ी, नुकसानदायक चीजें बेचने और गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. शनिवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई और आगे की जांच जारी है.
प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के मुताबिक, पीड़ित की 2023 में शादी हुई और इसके बाद से उसे सेक्स संबंधित समस्याएं होने लगीं. वह केंगेरी के एक मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इलाज करा रहा था. 3 मई को जब सॉफ्टवेयर इंजीनियर सड़क पर जा रहा था तो उसने एक टेंट देखा जो “सेक्स संबंधित समस्या के तुरंत समाधान” का प्रचार कर रहा था. हैरानी की बात है कि वह अंदर चला गया.
टेंट के अंदर एक आदमी ने उसे (सॉफ्टवेयर इंजीनियर को) बताया कि “विजय गुरुजी” उसे ठीक कर सकते हैं. गुरुजी ने कथित तौर पर पीड़ित की जांच की और देवराज बूटी नाम की एक आयुर्वेदिक दवा लेने की सलाह दी, यह दावा करते हुए कि यह सिर्फ उनके स्टोर पर मिलती है और इसकी कीमत 1,60,000 रुपये प्रति ग्राम है.
पीड़ित को सिर्फ कैश में पेमेंट करने और ऑनलाइन पेमेंट से बचने के लिए कहा गया. गुरुजी पर विश्वास करके पीड़ित ने दवा खरीद ली और बाद में उसे एक और प्रोडक्ट भवन बूटी नाम का तेल दिया गया, जिसकी कीमत 76,000 रुपये प्रति ग्राम थी. उसने दावा किया कि अगले कई हफ्तों में गुरुजी के कहने पर अलग-अलग दवाओं पर 17 लाख रुपये खर्च कर दिए.
एफआईआर के मुताबिक, गुरुजी ने बाद में पीड़ित पर और देवराज बूटी खरीदने का दबाव डाला और चेतावनी दी कि नहीं तो पिछला इलाज काम नहीं करेगा. इसके बाद इंजीनियर ने बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया और 18 ग्राम आयुर्वेदिक दवा खरीदी.
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसे देवराज रसबूटी नाम का एक और प्रोडक्ट 2,60,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से खरीदने के लिए मनाया गया, जिसके लिए उसने एक दोस्त से 10 लाख रुपये उधार लिए. उसका कहना है कि कुल मिलाकर उसने आयुर्वेदिक दुकान पर करीब 48 लाख रुपये खर्च किए.
बताई गई दवाइयां ठीक से लेने के बावजूद, पीड़ित को कोई सुधार नहीं दिखा. आरोप है कि बाद में उसकी किडनी खराब हो गई, जिसके बारे में उसका दावा है कि यह उसे बेची गई दवाओं की वजह से हुआ. जब पीड़ित ने गुरुजी से इस बारे में पूछा तो उसे कथित तौर पर धमकाया गया और कहा गया कि अगर उसने इलाज बंद कर दिया तो उसकी हालत और खराब हो सकती है और उसकी जान को खतरा हो सकता है.
