‘मैं भी 25 साल से…..”, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भिड़ गए यूपी कैडर के IAS अधिकारी, क्या है यह मामला ?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार/ (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
‘मैं भी 25 साल से…..”, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भिड़ गए यूपी कैडर के IAS अधिकारी, क्या है यह मामला ?
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर आयोजित एक वर्चुअल समीक्षा बैठक में उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सभी जनरल ऑब्जर्वर्स (चुनाव पर्यवेक्षकों) से उनके क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ले रहे थे. तभी यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव का ज्ञानेश कुमार के साथ संवाद विवाद का कारण बन गया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुराग यादव को कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का जनरल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था. चुनाव के दौरान यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि ऑब्जर्वर को चुनाव आयोग की ‘आंख और कान’ के रूप में देखा जाता है और उनसे क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी जानकारी की अपेक्षा की जाती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान जब उनसे उनके क्षेत्र से जुड़े कुछ बुनियादी सवाल पूछे गए तो वह कथित तौर पर तत्काल जवाब नहीं दे सके. इसी दौरान हुई एक टिप्पणी पर उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से सेवा में हैं. इसलिए उनके अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए. इस प्रतिक्रिया के बाद कुछ देर के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
हालांकि, चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि अनुराग यादव को बहस होने के कारण नहीं, बल्कि कार्य में कमी के चलते जनरल ऑब्जर्वर पद से हटाया गया है. आयोग के अनुसार, इस जिम्मेदारी के लिए त्वरित और सटीक जानकारी देना अनिवार्य होता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में प्रधान सचिव स्तर पर कार्यरत हैं. उन्होंने अपने करियर में आईटी, सामाजिक कल्याण और सैनिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं और उन्हें एक अनुभवी अधिकारी के रूप में जाना जाता है.
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