2013 में लगातार आत्महत्या के विचार से लड़ रहा था : श्रीसंत

(फाइल फोटो: फेसबुक)

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कोच्चि: तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने कहा है कि अगस्त 2013 में जब बीसीसीआई ने उन्हें तथाकथित आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजावीन प्रतिबंधित कर दिया था तब लगतार उनके दिमाग में आत्महत्या के विचार आ रहे थे। उन्हें 2015 में हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय की विशेष अदालत ने बरी कर दिया था। उन्होंने बताया कि वह अपनी जिंदगी में मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और आत्महत्या तक के विचार उन्हें आ रहे थे।

श्रीसंत ने डेक्कन हेराल्ड से कहा, “यह ऐसी चीज है जिससे मैं 2013 में लगातार लड़ रहा था। यह सोच मेरे साथ बनी रहती थी, लेकिन मेरे परिवार ने मुझे संभाले रखा। मुझे परिवार के साथ ही रहना था। मुझे पता है कि उन्हें मेरी जरूरत है।”

श्रीसंत ने कहा कि वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के काफी अच्छे दोस्त थे। सुशांत ने 14 जून को आत्महत्या की थी। वह अवसाद से ग्रस्त थे।

उन्होंने कहा, “इसीलिए, सुशांत की मौत ने मुझे इतना ज्यादा प्रभावित किया, और वो मेरे अच्छे दोस्त भी थे। मैं भी ऐसी ही कगार पर था लेकिन मैं लौट आया क्योंकि मुझे पता था कि इससे उन लोगों को कितना दुख होगा जो मुझे प्यार करते हैं। मैं एक किताब लिख रहा हूं जो एक-दो महीनों में आ जाएगी। इसमें मैंने इस बारे में लिखा है और साथ ही लिखा है कि आप कैसे अकेले नहीं हैं। अगर आप अगर अकेले भी हैं तो बुरी बात नहीं है क्योंकि कई अच्छी चीजें अकेले में ही होती हैं।”

37 साल के इस गेंदबाज ने कहा, “अकेलापन कई बार आपको अपने अंदर की कई सारी चीजों से अवगत करा देता है। यह बड़ी बात है क्योंकि कई बार लोग इस बात को समझ ही नहीं पाते कि वो क्या हैं। मैं इस बारे में बात करना नहीं चाहता लेकिन ऐसा भी समय था जब मैं अपने बिल नहीं दे पा रहा था। मुझे नहीं पता था कि मेरा अगला भोजन कहां से आएगा। इसलिए मैं उन सभी शो का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे मौका दिया और मुझ पर विश्वास किया।”

आईएएनएस

 


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