बरेली बवाल पर बड़ा एक्शन: मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, पुलिस ने…
बरेली | बरेली में शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं. मामले में 39 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. बरेली पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को भी गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें अब 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
डीआईजी अजय साहनी ने आईएएनएस को बताया कि मामले में तौकीर रजा की भूमिका को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. उन्होंने कहा कि अभी तक सामने आए तख्तों के आधार पर पता चला है कि इसमें तौकीर रजा की अहम भूमिका है.
अजय साहनी के अनुसार, हंगामे को लेकर तौकीर रजा के संगठन के कुछ लोगों का नाम भी सामने आया है. उनके खिलाफ कुछ सबूत भी हैं. इन लोगों के नाम एफआईआर में भी दर्ज किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की घटना के संबंध में अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. डीआईजी ने यह भी बताया कि घटनास्थल से हथियार, खाली खोखे, कुछ बोतलें और घटना में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री बरामद की गई है. कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है.
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जुमे की नमाज के बाद कुछ जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया गया. हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
एफआईआर को लेकर एसएसपी ने बताया कि घटनाओं को लेकर थाना कोतवाली में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं जबकि थाना बारादरी में दो और किला, प्रेम नगर और कैंट पुलिस थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है.
उन्होंने बताया कि कुल 8 अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है. इसमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं. कोर्ट के आदेश के बाद सभी 8 आरोपियों को जेल भेजा गया है.
जेल भेजे गए आरोपियों के नाम है – मौलाना तौकीर रजा, सरफराज पुत्र सलीम, मनीफुद्दीन पुत्र जरीफुद्दीन, अजीम अहमद पुत्र नसीम अहमद, मोहम्मद शरीफ पुत्र मोहम्मद अहमद, मोहम्मद आमिर पुत्र मोहम्मद जायद, रिहान पुत्र राजू, मोहम्मद सरफराज पुत्र शमीम.
उन्होंने आगे कहा, “पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पत्थरों से हमला किया. भारी मात्रा में पत्थर बरामद किए गए है. आगे की जांच जारी है. सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल और तकनीकी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल सभी शामिल लोगों की पहचान करने के लिए किया जाएगा.”
