जेल से बाहर आते ही हिरासत में लिए गए सपा नेता आजम खान, क्या है यह मामला ?
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह की फाइल फोटो (क्रेडिट: आईएएनएस)
जेल से बाहर आते ही हिरासत में लिए गए सपा नेता आजम खान, क्या है यह मामला ?
रामपुर | समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की. ईडी ने रामपुर में जिला जेल (उत्तर प्रदेश) से बाहर आते ही आजम खां को हिरासत में ले लिया. उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया है.
ईडी की तरफ से जारी बयान में बताया गया, “हमने आजम खां को हिरासत में ले लिया है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद हम उन्हें गिरफ्तार करेंगे और गाजियाबाद पीएमएलए कोर्ट में पेश करेंगे.”
उधर, जेल के बाहर सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती रही. स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया.
बता दें कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड रखने के मामले में रिहा हुए थे. इसी दौरान ईडी ने आजम खान को हिरासत में ले लिया.
We have apprehended Azam Khan. After completing the arrest procedures, we will arrest him and produce him before the Ghaziabad PMLA Court: ED https://t.co/Tu8UVrjYou
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
Rampur, Uttar Pradesh: Shortly after being released from Rampur Jail, SP leader Azam Khan was taken away by the ED. https://t.co/O7PNwaQjqX
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
बता दे कि 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत दी थी. अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई थी.
न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दोनों की पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था. याचिकाओं में अधीनस्थ अदालतों द्वारा दो पैन कार्ड रखने के मामले में सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी गई थी.
अभियोजन के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड को बनवाने और उसके इस्तेमाल से जुड़ा है. आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में दूसरे पैन कार्ड के कथित इस्तेमाल का पहलू भी शामिल है. आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने निचली अदालत के दोषसिद्धि और सजा के फैसले को आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं के जरिए हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इसी क्रम में दोनों ने सजा निलंबित करने और जमानत देने की मांग की थी.
दोषसिद्धि पर रोक और सजा निलंबन में हाई कोर्ट ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की थी लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी थी. ऐसे में दोषसिद्धि का आदेश बरकरार रहेगा. पुनरीक्षण याचिकाओं पर अंतिम फैसला अलग से होना है.
By IANS/Hindi Post Dot In
