सीलबंद लिफाफे में कैद हैं अतीक-अशरफ की हत्या का राज? अशरफ के वकील ने कहा – “उन्होंने बताया था कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जान से मारवाने की धमकी दी थी”
फाइल फोटो
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात को हत्या कर दी गई थी. दोनों की हत्या के बाद, राज्य की सियासत गरमाई हुई हैं. विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हैं.
इस सब के बीच अब बात हो रही हैं एक ऐसी सील बंद चिट्ठी की जो सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और मुख्यमंत्री को पहुंच सकती हैं. इस चिट्ठी में उसका नाम हैं जिसने अतीक और अशरफ पर हमला करवाया.
इस बात को और मजबूती तब मिली जब अशरफ के वकील विजय मिश्रा ने भी इस चिट्ठी का जिक्र किया.
ANI से बात करते हुए एडवोकेट विजय मिश्रा ने कहा, “यह बात तब की हैं जब उन्हें (अशरफ) प्रयागराज से जिला जेल बरेली लेकर जाया जा रहा था. उससे पहले उनको पुलिस लाइन ले जाया गया था. वहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा था कि इस बार तो बचे हो लेकिन 15 दिन में जेल से निकाल के तुम्हारा काम तमाम कर देंगे. यह जानकारी उन्होंने (अशरफ) मीडिया को भी दी थी और इसके बारे में हमें भी जानकारी हुई थी. इस बारे में जानकारी लेने के लिए मैं जिला जेल बरेली गया था और वहां मेरी अशरफ से मुलाकात हुई थी. उन्होंने मुझे बताया था कि किसी अधिकारी ने उनको धमकी दी हैं कि बरेली जेल से निकलवा के तुम्हारा काम तमाम करवा देंगे पर जब मैंने उनसे अधिकारी का नाम पूछा था तो उन्होंने नहीं बताया था. उन्होंने कहा था कि आप मेरे अधिवक्ता है, मैं आपको नाम नहीं बताऊंगा नहीं तो आप परेशानी में पड़ सकते हैं. उन्होंने (अशरफ) यह भी बताया था कि अगर मेरे साथ ऐसी कोई घटना (हत्या हो जाए) घटती हैं तो बंद लिफाफा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और मुख्यमंत्री तक पहुंच जाएगा.”
एडवोकेट विजय मिश्रा ने यह भी कहा कि राजनीतिक तौर पर साजिश रच कर हत्या कराई गई हैं. शूटआउट में जो शूटर्स शामिल थे उनसे कोई किसी भी तरह की कोई दुश्मनी नहीं हैं.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
