ट्रेन से लापता हुई अर्चना तिवारी को रेलवे पुलिस ने ढूंढ निकाला, ये सच आया सामने…
अर्चना तिवारी (फाइल फोटो | आईएएनएस)
ट्रेन से लापता हुई अर्चना तिवारी को रेलवे पुलिस ने ढूंढ निकाला, ये सच आया सामने…
भोपाल | मध्य प्रदेश में इंदौर से कटनी जा रही ट्रेन से लापता हुई अर्चना तिवारी को राजकीय रेलवे पुलिस ने ढूंढ लिया है. बताया जा रहा है कि अर्चना शादी नहीं करना चाहती थी इसलिए अपने दोस्त के सहयोग से भागी थी और नेपाल पहुंच गई थी.
न्यायालय में प्रैक्टिस करने के साथ इंदौर में पढ़ाई कर रही अर्चना तिवारी नर्मदा एक्सप्रेस से अपने घर कटनी जाते वक्त लापता हो गई थी. उनके लापता होने के बाद फोन बंद था. ट्रेन से उनका सामान बरामद किया गया था. इसके बाद से तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही थी. जीआरपी ने भोपाल में मामला दर्ज कर अर्चना की तलाश शुरू की थी.
आरती लगातार लोकेशन बदलती रही. फिर वह नेपाल पहुंच गई थी जहां से सारांश की मदद से आरती को जीआरपी ने बरामद किया.
जीआरपी भोपाल के पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने अर्चना तिवारी के नेपाल से पाए जाने का ब्यौरा पत्रकारों के सामने दिया. साथ ही बताया कि यह सफलता उन्हें अर्चना के मित्र सारांश के करीब पहुंचने के बाद मिली.
जीआरपी पुलिस अधीक्षक लोढ़ा के अनुसार अर्चना के परिजन कटनी में रहते हैं. वे उसकी शादी करना चाहते थे और अर्चना उसके लिए तैयार नहीं थी. इसी दौरान अर्चना की सारांश से दोस्ती हुई. इसमें सारांश और एक साथी तेजिंदर ने भी मदद की. अर्चना इंदौर से कटनी जाते वक्त इटारसी में ही ट्रेन से उतर गई. सारांश सड़क मार्ग से अर्चना को लेकर शुजालपुर पहुंचा और कुछ दिन वहां रुके. उसके बाद हैदराबाद सहित अन्य स्थानों पर जाने के बाद सारांश अर्चना को नेपाल में काठमांडू में छोड़कर वापस आ गया था. तभी पुलिस को कॉल डिटेल के जरिए सारांश की जानकारी मिली और उससे पूछताछ की. तब सारा राज खुल गया.
उन्होंने आगे बताया है कि अर्चना नेपाल पहुंच गई थी और सारांश वापस इंदौर आ गया था. पुलिस ने सारांश से पूछताछ की और वास्तविकता जब पता चली तो अर्चना से संपर्क किया. वहां के दूतावास के जरिए अर्चना को भारत लाया गया और जीआरपी की मदद से भोपाल लाया गया. अर्चना ने वकालत की पढ़ाई की है. वह जबलपुर में प्रैक्टिस कर चुकी है और वर्तमान में इंदौर में प्रैक्टिस करने के साथ सिविल जज की तैयारी कर रही है. उसकी इसी दौरान सारांश से मित्रता हुई जो ड्रोन का काम करता है. सारांश ने अर्चना की मदद की और उसे पहले हैदराबाद ले गया जहां उसके कारोबार से जुड़ा व्यक्ति रहता है. इसी तरह उसके संपर्क नेपाल में हैं और उसने अर्चना को नेपाल में छोड़ा था. फिलहाल पुलिस अर्चना से पूछताछ कर रही है और फिर उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
IANS
