दरोगा को खींचकर ले गई एंटी-करप्शन टीम.. खुद को छुड़ाने की करता रहा कोशिश, 10 हजार रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

Lucknow (1)
The Hindi Post

यूपी की राजधानी लखनऊ से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को कुछ लोग खींचकर अपने साथ ले जाते हुए दिख रहे हैं. इस वीडियो को देख कर पहले तो कुछ समझ नहीं आता हैं. बाद में पता चलता हैं कि यह जनाब लखनऊ की हरौनी पुलिस चौकी में तैनात हैं और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अधिकारी का नाम राहुल त्रिपाठी हैं. दरअसल, इनको एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. उन्हें खींचकर गाड़ी में बिठा गया और PGI थाने लेकर जाया गया जांच उनसे पूछताछ हुई. पूछताछ के बाद आरोपी चौकी प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

एसीपी (कृष्णानगर) विनय कुमार द्विवेदी ने PTI को बताया कि बंथरा थाने की एक चौकी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर राहुल त्रिपाठी को भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है.

क्या मामला हैं यह?

बंथरा थाने में 28 अगस्त को एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में आरोपी विशाल रावत पर FIR दर्ज की गई थी. विवेचना के बाद केस में दुष्कर्म की धारा बढ़ाने के साथ दो आरोपी जेल भेजे गए थे. घटनास्थल दुबग्गा में एमएफ टॉवर स्थित होटल था. केस की विवेचना कर रहे हरौनी चौकी इंचार्ज दरोगा राहुल त्रिपाठी ने होटल मालिक विनोद कुमार से कई बार पूछताछ की.

आरोप है कि दरोगा राहुल त्रिपाठी ने विनोद को डराया कि चूंकि घटनास्थल उनका होटल है ऐसे में वो भी धारा 368 (किसी अगवा शख्स को जान बूझकर पनाह देना) के तहत आरोपी बनाए जाएंगे. दरोगा ने बचाने का दावा कर विनोद से 20 हजार रुपये की मांग की. विनोद ने एंटी करप्शन की टीम को जानकारी दी. इसके बाद टीम ने दरोगा को रंगेहाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया. शनिवार शाम चार बजे विनोद रुपये लेकर हरौनी चौकी गए. वहां दरोगा राहुल त्रिपाठी ने जैसे ही रिश्वत की रकम हाथों में ली, टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया. मामले में PGI थाने में देर रात आरोपी दारोगा के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

 


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