एयर इंडिया की फ्लाइट को पहुंचना था अमृतसर, विमान पहुंच गया पाकिस्तान, फिर क्या हुआ ?
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
एयर इंडिया की फ्लाइट को पहुंचना था अमृतसर, विमान पहुंच गया पाकिस्तान, फिर क्या हुआ ?
नई दिल्ली | दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट के सोमवार को अचानक पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) में प्रवेश करने का गंभीर मामला सामने आया है. एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह घटना अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान ‘गो-अराउंड’ प्रक्रिया अपनाते समय हुई. गो-अराउंड का मतलब लैंडिंग टालकर विमान को दोबारा ऊपर ले जाने की प्रक्रिया से है. दोनों देशों के मध्य जारी कड़े हवाई प्रतिबंधों के बीच हुई इस घटना से नागरिक उड्डयन गलियारे में हलचल तेज हो गई है.
एयरलाइन के मुताबिक, यह वाकया 22 जून को फ्लाइट संख्या एआई-749 (AI479) के तब साथ हुआ जब विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने की तैयारी कर रहा था. तकनीकी या मौसमी कारणों से पायलटों को यह कदम उठाना पड़ा. इसी प्रक्रिया के दौरान विमान बेहद सीमित समय के लिए सीमा पार कर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था. एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस गंभीर घटना की जानकारी तुरंत संबंधित नियामक एजेंसियों (Regulatory Authorities) को दे दी गई. साथ ही, कंपनी ने अपने स्तर पर भी इस घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है. एयरलाइन ने दोहराया कि उनके लिए यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता है.
गौरतलब है कि वर्तमान में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय पंजीकरण, स्वामित्व या भारतीय कंपनियों द्वारा लीज पर लिए गए सभी नागरिक और सैन्य विमानों के लिए पूरी तरह बंद है. यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद उपजे सीमा तनाव के बाद लागू किया गया था. तभी से दोनों देशों के बीच तल्खी बनी हुई है. पाकिस्तान जहां हर महीने इस पाबंदी को बढ़ाता आ रहा है, वहीं भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है. इसी महीने की शुरुआत में पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर लगे इस प्रतिबंध को 25 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया था.
पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइनों को यूरोप, मध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग (रूट) अपनाने पड़ रहे हैं. सीधे उत्तरी मार्ग का उपयोग न कर पाने की वजह से अब उड़ानों को अरब सागर के ऊपर से होकर यूएई, ओमान या अन्य रास्तों से गुजरना पड़ता है. इन लंबे रूटों के कारण विमानों को अतिरिक्त ईंधन लेकर उड़ान भरनी पड़ रही है जिससे यात्रियों या कार्गो ले जाने की कुल क्षमता प्रभावित हो रही है.
इन रास्तों की वजह से विमान कंपनियों पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. इसका सीधा असर भविष्य में हवाई किराए में बढ़ोतरी के रूप में दिख सकता है. इस प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारतीय एयरलाइनों को समय-समय पर अल्माटी और ताशकंद जैसे मध्य एशियाई शहरों के लिए अपनी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित भी करनी पड़ी हैं.
By IANS
एयर इंडिया का विमान दिल्ली-अमृतसर उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुंचा, दिए गए जांच के आदेश
