कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, कर डाली यह बड़ी मांग
फोटो: सोशल मीडिया / एक्स
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, कर डाली यह बड़ी मांग
छात्रों की खुदकुशी के बढ़ते मामलों के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से दिपके ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि व्यवस्थागत विफलताओं के चलते जान गंवाने वाले नीट उम्मीदवारों के पीड़ित परिवारों को तत्काल एक-एक करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा दिया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे अथवा उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग दोहराई है.
“पिछले 48 घंटों में 5 छात्रों ने दी जान, टूट रहा है युवाओं का भरोसा”
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अभिजीत दिपके ने बेहद गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए लिखा, “मैं आज अत्यंत भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं ताकि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर और भयावह संकट की ओर आकर्षित कर सकूं जो हमारे राष्ट्र के भविष्य यानी हमारे युवा छात्रों के जीवन और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लील रहा है.”
दिपके ने पत्र में दावा किया कि महज कुछ सप्ताहों के भीतर देश में 11 नीट उम्मीदवारों ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली. सबसे दिल दहला देने वाली बात यह है कि इनमें से पांच घटनाएं पिछले 48 घंटों के भीतर हुई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों और अनिश्चितता के कारण देश के युवाओं का पूरी शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है और वे गहरे डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं.
“कर्ज के बोझ और आर्थिक बर्बादी की कगार पर खड़े हैं पीड़ित परिवार”
पीड़ित परिवारों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए CJP प्रमुख ने लिखा कि पिछले दो महीनों में वे व्यक्तिगत रूप से ऐसे कई शोकग्रस्त परिवारों से मिले हैं. उन्होंने कहा, “अपने बच्चों को खोने के असहनीय भावनात्मक आघात के अलावा, ये परिवार अब गंभीर आर्थिक बर्बादी का सामना कर रहे हैं. एक बेहतर भविष्य की उम्मीद में, कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों ने अपने बच्चों को कोचिंग में पढ़ाने के लिए भारी-भरकम ‘एजुकेशन लोन’ (शैक्षिक ऋण) लिए थे. लेकिन व्यवस्था की कमियों के कारण उन बच्चों के सपने चकनाचूर हो गए. जिन बच्चों पर माता-पिता ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी, उनके चले जाने के बाद अब ये परिवार पूरी तरह बेसहारा हो चुके हैं.”
दिपके ने मांग की कि सरकार को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल राहत के लिए आगे आना चाहिए और पेपर लीक संकट के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हुए सभी छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि जारी करनी चाहिए.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी पार्टी
अभिजीत दिपके ने पत्र के अंत में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है. देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं की बस यही एक मांग है कि मासूमों की जान जाने और उनके भविष्य से खिलवाड़ होने की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो.
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