आधार कार्ड में बच्चे का नाम ‘मधु का पांचवा बच्चा’ लिखा होने से स्कूल ने नहीं लिया एडमिशन
सांकेतिक तस्वीर (आईएएनएस)
बंदायूं | बदायूं की जिलाधिकारी दीपा रंजन ने फर्जी आधार कार्ड में बच्चे का नाम ‘मधु का पांचवा बच्चा’ देने पर कड़ा संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। रंजन ने कहा कि मामला बच्चे के आधार कार्ड बनाने के लिए जिम्मेदार लोगों द्वारा ‘घोर लापरवाही’ का संकेत देता है। जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
विचाराधीन बच्चे को बिलसी के एक सरकारी स्कूल में प्रवेश से वंचित कर दिया गया, क्योंकि उसके आधार कार्ड में उसका नाम ‘मधु का पांचवा बच्चा’ था। कार्ड में आधार नंबर भी नहीं था।
बच्चे के पिता दिनेश ने मंगलवार को कहा कि वह साक्षर नहीं है और कार्ड की विसंगतियों को समझ नहीं पा रहा है।

उन्होंने स्थानीय संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने (आधार अधिकारी) हमसे बच्चे का नाम पूछा और चूंकि हमने अभी तक उसका नाम नहीं रखा था, इसलिए हमने कहा कि वह हमारी पांचवीं संतान है। मुझे नहीं पता था कि यह बाद में एक बड़ा मुद्दा बन जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि डाकघरों और बैंकों में आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। गलती घोर लापरवाही के कारण हुई है। हम बैंक और डाकघर के अधिकारियों को अलर्ट करेंगे और इस तरह की लापरवाही में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह देखने का प्रयास किया जाएगा कि क्या अन्य कार्ड्स में भी इसी तरह की विसंगतियां हुई हैं।
आईएएनएस
