किसान आंदोलन: कंगना को कानूनी नोटिस, सिख संस्था ने अभद्र ट्वीट पर कहा माफी मांगो
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नई दिल्ली | दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को कानूनी नोटिस भेजकर केंद्र के कृषि बिलों के खिलाफ विरोध कर रहे किसानों और कार्यकतार्ओं के खिलाफ उनके ‘अपमानजनक’ ट्वीट के लिए ‘बिना शर्त माफी’ मांगने की मांग की है।
यह जानकारी कमेटी के अध्यक्ष ने शुक्रवार को दी। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, “हमने कंगना रनौत को उनके अपमानजनक ट्वीट के लिए कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने एक किसान की वृद्ध मां को 100 रुपये में उपलब्ध होने वाली महिला के रूप में दर्शाया है। उनके ट्वीट किसानों के विरोध को राष्ट्रविरोधी बताते हैं। हम किसानों के विरोध पर उनकी असंवेदनशील टिप्पणी के लिए उन्हें बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हैं।
We have sent a legal notice to @KanganaTeam for her derogatory tweet calling the aged mother of a farmer as a woman available for ₹100. Her tweets portray farmers protest as antinational
We demand an unconditional apology from her for her insensitive remarks on farmers protest pic.twitter.com/AWNfmwpIyT
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 4, 2020
यह नोटिस अभिनेत्री के उस ट्वीट के मद्देनजर आया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि ‘शाहीन बाग वाली दादी’ राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न सीमा बिंदुओं पर नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुई हैं।
अभिनेत्री ने बिलकिस बानो सहित एक और बुजुर्ग महिला की तस्वीर के साथ पोस्ट को रीट्वीट किया था और लिखा कि ‘वही दादी’ जो टाइम मैगजीन में छपी थी, ‘जो 100 रुपये में उपलब्ध थी।’

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “हा हा हा वहीं दादी, जो टाइम मैगजीन में सबसे शक्तिशाली भारतीय बनी थी, और वह 100 में उपलब्ध रहती हैं। पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय पीआर को शर्मनाक तरीके से अपहृत किया है। हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे लिए बोलने के लिए हमारे अपने लोगों की आवश्यकता है।”
इस मामले को लेकर रनौत और पंजाबी अभिनेता-गायक दिलजीत दोसांझ के बीच गुरुवार को शब्दों का युद्ध भी देखा गया।
गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान एक सप्ताह से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं।
इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार ने गुरुवार को किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की वार्ता की। हालांकि, वार्ता एक बार फिर अनिर्णायक रही। अगला दौर शनिवार के लिए निर्धारित है।
आईएएनएस
